नशे की रोकथाम के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बनेगी ज्वाइंट टास्क फोर्स: मुख्यमंत्री

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👉मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के तहत ‘सेवा’ विभाग के अगले 5 साले के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में दिए विस्तृत दिशा-निर्देश

👉नशामुक्ति केंद्र से निकले व्यक्तियों को कौशल ट्रेनिंग देकर नौकरी के लायक बनाया जाएगा
Haryana News:हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में नशे की रोकथाम के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में ज्वाइंट टास्क फोर्स बनाई जाएंगी जो नशे की बिक्री को रोकने और इसके कारोबार में लगे व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाएंगी। इस टास्क फोर्स को इतना सशक्त बनाया जाएगा कि नशे के सौदागरों के मन में इसे लेकर इतना डर पैदा होगा कि वे इस काम से तौबा कर लेंगे।मुख्यमंत्री ने यह बात शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग के अगले 5 साल के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं तथा संकल्प पत्र के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और इनके संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थितगण को नशे की रोकथाम में सहयोग देने और परिवार, समाज व देश को नशामुक्त करने में सहयोग देने की शपथ भी दिलवाई।श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में नशे पर पूर्ण रोक लगाने के लिए इसकी बिक्री के नेटवर्क को तोड़ना आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने ‘सेवा’ विभाग के नेतृत्व में ग्रामीण स्तर पर सरपंच, वार्ड सदस्य, बीडीपीओ, एसएचओ व क्षेत्र में कार्यरत किसी एनजीओ को शामिल करते हुए तथा शहरी क्षेत्र में नगर निकाय के सचिव, वार्ड पार्षद, एचएचओ तथा एनजीओ को शामिल करते हुए ज्वाइंट टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दिए। यह टास्क फोर्स ऐसे स्थानों को चिह्नित करेंगी जहां नशे की बिक्री होती हो और सख्ती से नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। नशे के कारोबार में लगे लोगों में इस टास्क फोर्स के प्रति भय होना चाहिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा पीड़ितों के लिए प्रदेश में और अधिक नशा मुक्ति केंद्र व रिहैबलिटेशन सेंटर खोले जाएंगे। नशा मुक्ति केंद्र में जो व्यक्ति इलाज करवाकर बाहर निकलते हैं उनकी 3 महीने तक विशेष देखरेख की जाए और इनके लिए कौशल ट्रेनिंग तथा रोजगार देने की भी कार्ययोजना तैयार की जाए। नशा पीड़ितों के साथ मैत्री संबंध बनाकर इन्हें फिर से समाज की मुख्य धारा में शामिल करके ही हम आदर्श समाज का निर्माण कर सकते हैं।‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा ने बताया कि राज्य में 119 नशा मुक्ति केंद्र, 29 रिहैबलीटेशन सेंटर तथा 2 मनोरोग अस्पताल चल रहे हैं। कुरुक्षेत्र में पीपीपी मोड पर 6 एकड़ में एक रिहैबलीटेशन सेंटर शुरू किया जाएगा। नशा मुक्ति के लिए विभाग ने ड्रग एडिक्ट मोनिटरिंग सिस्टम भी बनाया गया है ताकि नशा मुक्ति के बाद व्यक्ति की समुचित निगरानी की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह फिर से नशे का आदी न हो। उन्होंने बताया कि ‘सेवा’ विभाग राज्य में 35 प्रकार की योजनाओं के माध्यम से पात्र व्यक्तियों व परिवारों को पेंशन सहित अन्य आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन व अन्य योजनाओं के पात्रों के लिए अपने व्यक्तिगत व पारिवारिक विवरण में संशोधन का प्रावधान किया जाए ताकि कोई पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। ऐसे मॉड्यूल बनाए जाएं जिनके माध्यम से कोई व्यक्ति अपने विवरण को सही करवाने के लिए आवेदन कर सके। इसकी वेरिफिकेशन के लिए प्रत्येक जिला में अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में विवरण को सही करवाने का मौका दिया जाए। उन्होंने पिछले 3 महीने में 63000 अतिरिक्त लाभार्थियों को पेंशन योजनाओं से जोड़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की।दिव्यांग बच्चों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में दिव्यांग बच्चों के लिए कार्य कर रही संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए, इसके लिए एक पोलिसी तैयार की जाए ताकि अच्छा काम करने वाली संस्थाओं को ग्रांट दी जा सके। उन्होंने कहा कि सभी दिव्यांगजनों को सरकारी विभागों की नौकरियों में निर्धारित आरक्षण का लाभ दिया जाए।

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उन्होंने विशेष जरूरत के बच्चों के शिक्षकों को आवश्यकता अनुसार कोर्स करवाने तथा दिव्यांग सुविधा केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की।श्री नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए हर जिले में एक सीनियर सिटीजन क्लब बनाने के निर्देश दिए जहां बुजुर्गों के लिए बैठने, आराम करने व गेम सहित साइकोलोजिस्ट व फिजियोथेरेपिस्ट की भी सुविधाएं हों। उन्होंने बुजुर्गों की देखरेख के लिए केयर गिवर्स तैयार करने के भी निर्देश दिए। इसके प्रथम चरण में प्रदेश में 1000 केयर गिवर्स तैयार किए जाएंगे जिनके लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय व अन्य निजी विश्वविद्यालयों में कोर्स करवाए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि बुजुर्गों के कल्याण में कार्यरत सभी एनजीओ का रजिस्ट्रेशन भी किया जाए ताकि अच्छा काम करने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहन दिया जा सके।मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग तथा ईडब्ल्यूएस श्रेणी के बच्चों को दी जाने वाली छात्रवृति के वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि अब पात्र विद्यार्थियों के लिए आवेदन व इनकी वेरिफिकेशन का कार्य ऑनलाइन कर दिया गया है जिसके चलते अब विद्यार्थियों को तुरंत छात्रवृति मिलने लगी है। उन्होंने पिछले वर्षों की लंबित छात्रवृति की राशि भी प्राथमिकता के आधार पर वितरित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल शुरू करवाए जाएं ताकि शहर में आकर पढ़ने वाले दूरदराज के विद्यार्थियों को रहने व खाने की समस्याओं का सामना न करना पड़े और उनकी पढ़ाई बाधित न हो।मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को मिल रही पेंशन आदि अन्य किसी सुविधा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसलिए सभी पात्र महिलाओं को इस योजना में अपना पंजीकरण करके इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस योजना में बजट की कोई कमी नहीं है। पिछले साल इस योजना का बजट 5000 करोड़ था जिसे वर्तमान बजट में बढ़ाकर 6500 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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श्री नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अनुरूप सिरसा में संत सरसाई नाथ मेडिकल कॉलेज में अलग से 100 बिस्तरों के नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना करने, डबवाली के नशा मुक्ति केंद्र के बिस्तरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 30 करने, ऐलनाबाद में 20 बेड का नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने तथा समसपुर में समृद्ध सेवा आश्रम के निर्माण संबंधी कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना के अलावा, पेंशन को महंगाई के अनुसार बढ़ाने, पिछड़ी जातियों के लिए कल्याण बोर्ड के गठन, पिछड़े वर्ग के उद्यमियों को ऋण पर गारंटी देने, मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, छात्रवृति योजनाओं में परिवार की आय सीमा को बढ़ाने सहित अन्य संकल्पों की भी विस्तार से समीक्षा की और इनके क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, ‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री अजय कुमार, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया तथा मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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