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सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

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👉क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई कमियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में होने वाले सभी सरकारी निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार पूरे होने चाहिए। बात सरकारी ईमारतों की हो या फिर सड़क इत्यादि की। विशेषतौर पर सड़कों की लेयरिंग पर भी संबंधित विभाग फोक्स करें, टेंडर में जो पैमाने लिखे गए है, उनकी हर हाल में पालना सुनिश्चित हो। निर्माण कार्य में कहीं भी लापरवाही, निम्न गुणवत्ता या नियमों की अनदेखी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री मंगलवार को क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) द्वारा सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विभिन्न विभागों में किए जा रहे तकनीकी ऑडिट की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) के अध्यक्ष श्री राजीव अरोड़ा (सेवानिवृत्त आईएएस) ने पिछली समीक्षा बैठक में लिए गए फैसलों पर हुई कार्रवाई, विभिन्न विभागों की प्रगति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने राज्य में चल रही विभिन्न निर्माण परियोजनाओं के तकनीकी ऑडिट की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। फोटो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से निर्माण कार्यों की योजना, काम की गुणवत्ता, तय मानकों के पालन और अन्य कमियों की जानकारी दी गई।बैठक में मुख्य रूप से हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएमबी), सिंचाई, पीडब्लयूडी, विद्युत और जनस्वास्थ्य एवं आभियांत्रिकी विभाग के बारे में चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के विभागों द्वारा करवाये जा रहे निर्माण कार्यो के अलावा केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा किए गए निर्माण कार्यो की जांच भी क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) समय—समय पर करे। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार हरियाणा में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने, जवाबदेही तय करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जनता के धन का हर रुपया टिकाऊ, गुणवत्तापूर्ण और जनहित के कार्यों पर खर्च हो।मुख्यमंत्री ने क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि जहां भी लापरवाही या तय मानकों का उल्लंघन पाया गया है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तय समय में सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऑडिट में बताई गई सभी कमियों को जल्द दूर किया जाए ताकि भविष्य की परियोजनाओं में ऐसी समस्याएं दोबारा न आएं।

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👉मिलेंगे एसडीओ, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एवं मॉनिटरिंग एजेंसियों की नियुक्ति भी होगी
बैठक में पिछली समीक्षा बैठक में लिए गए फैसलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) के अधिकारियों ने बताया कि डीपीआर और डिजाइन कंसल्टेंट की नियुक्ति, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एवं मॉनिटरिंग एजेंसियों (TPIMA) की नियुक्ति, क्यूआर कोड के माध्यम से परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) द्वारा हरियाणा सरकार द्वारा फंडिड किए गए कार्यों के ऑडिट, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग एंड मॉनिटरिंग प्रोसीजर्स (SOMPs) के आधार पर एक समान मूल्यांकन प्रणाली लागू करने तथा इंजीनियरिंग अनुबंधों से आर्बिट्रेशन क्लॉज हटाने संबंधी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी इन सभी निर्देशों के पालन की लगातार निगरानी कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पीडब्लयूडी, एचएसएमबी सहित कई अन्य विभागों में एसडीओ, जेई इत्यादि के पदों पर नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए है।बैठक में हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स (HEW) पोर्टल और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के साथ तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट जोड़ने, पुलों और बहुमंजिला इमारतों के लिए नीति बनाने, गुणवत्ता नियंत्रण शाखाओं को मजबूत करने, राइट ऑफ वे (ROW) की सुरक्षा, ड्रेनेज एवं पानी निकासी की योजनाएं तैयार करने तथा तकनीकी स्टाफ बढ़ाने जैसे विषयों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को इन सभी कार्यों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी को और बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए। इनमें बड़ी परियोजनाओं के लिए सोशल कॉस्ट-बेनेफिट एनालिसिस, पर्यावरणीय प्रभाव का आंकलन, गुणवत्ता के आधार पर ठेकेदारों को भुगतान, हर छह महीने में हरियाणा शेड्यूल ऑफ रेट्स (HSR) की समीक्षा, निजी विशेषकर बहुमंजिला भवनों की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए नीति बनाना, योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियरों का पैनल तैयार करना तथा GATE-योग्य यंग क्वालिटी मॉनिटर्स की भर्ती जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को इन सभी प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

👉क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी अधिनियम की हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी अधिनियम (QAA Act) की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों से विचार-विमर्श कर विधेयक का मसौदा जल्द अंतिम रूप दिया जाए, ताकि इसे हरियाणा विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूती मिलेगी।

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👉क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी का मकसद सिर्फ कमियां बताना नहीं, बल्कि इंजीनियरों को बेहतर तरीके से तैयार करना है: राजीव अरोड़ा
बैठक के दौरान इंजीनियरों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) के अध्यक्ष श्री राजीव अरोड़ा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अगला चरण 5 अगस्त, 2026 से शुरू होगा। पहले चरण में पंचायती राज विभाग के करीब 400 जूनियर इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद अन्य विभागों, विशेषकर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के इंजीनियरों को भी प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा का इंफ्रास्ट्रक्चर देश में एक नई पहचान बनाए, इसके लिए केवल निर्माण कार्य कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी सर्वोच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब समय पुरानी कार्यशैली से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक, बेहतर योजना और मजबूत गुणवत्ता निगरानी को अपनाने का है। उन्होंने कहा कि क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी का मकसद सिर्फ कमियां बताना नहीं, बल्कि इंजीनियरों को बेहतर तरीके से तैयार करना है, ताकि हर सरकारी निर्माण काम तय मानकों के अनुसार हो और जनता को लंबे समय तक टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।इस दौरान हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एके सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्रा कुमार, हरियाणा पावर यूटिलिटी की चेयरपर्सन श्रीमती आशीमा बराड़ सहित अधिकारीगण मौजूद थे।

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