Sunday, May 3, 2026
Home Blog Page 89

हरियाणा मंत्रिमंडल ने कानूनी अस्पष्टता दूर करने के लिए पंजाब न्यायालय अधिनियम, 1918 में संशोधन को मंजूरी दी

0

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में कानूनी अस्पष्टता दूर करने और मौजूदा केंद्रीय कानून के साथ तालमेल बनाने के लिए हरियाणा राज्य पर लागू पंजाब न्यायालय अधिनियम, 1918 की धारा 30 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।यह निर्णय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल की सिफारिश के बाद लिया गया है, जिन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि धारा 30 में वर्तमान प्रावधान भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1865 और प्रोबेट एवं प्रशासन अधिनियम, 1881 से जुड़ा है – ये दोनों अधिनियम निरस्त कर दिए गए हैं और इनकी जगह भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 लागू किया गया है।इस विसंगति को दूर करने के लिए मंत्रिमंडल ने पंजाब न्यायालय अधिनियम, 1918 (जैसा कि हरियाणा में लागू है) की धारा 30 की उपधारा (2) के खंड (क) में पुराने संदर्भों को भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 से प्रतिस्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन का उद्देश्य अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा संचालित कुछ उत्तराधिकार संबंधी कार्यवाही में क्षेत्राधिकार को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे में स्पष्टता लाना है।

👉कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार हरियाणा सुपीरियर न्यायिक सेवा नियम, 2007 में संशोधन को दी मंजूरी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की बैठक में न्यायिक सेवा सुधारों से संबंधित अलग-अलग फैसलों में भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, हरियाणा सुपीरियर न्यायिक सेवा नियम, 2007 में संशोधन को मंजूरी दी।ये बदलाव, अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ और अन्य बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया और अन्य जैसे ऐतिहासिक केस में दिए गए निर्देशों और दूसरे संबंधित फैसलों के बाद किए गए हैं। इनका उदेश्य हायर ज्यूडिशियल कैडर में भर्ती और सर्विस की शर्तों के संरचना, पारदर्शिता और दक्षता को मजबूत करना है।मंज़ूर किए गए बदलावों के अनुसार, हरियाणा सुपीरियर न्यायिक सेवा में भर्ती के तरीके में बड़े बदलाव किए गए हैं। मेरिट-कम-सीनियरिटी के ज़रिए प्रमोशन के लिए मौजूदा कोटा 65 प्रतिशत से संशोधित कर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। सीमित प्रतियोगी परीक्षा (एलसीई) के ज़रिए भर्ती का हिस्सा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे काबिल न्यायिक अधिकारी के लिए मौके बढ़ेंगे। बाकी 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरी जाती रहेंगी। हालांकि, पात्रता को बढ़ाकर इसमें न सिर्फ बार के वकील बल्कि सबऑर्डिनेट न्यायिक सेवा के योग्य उम्मीदवार भी शामिल किए गए हैं।कैबिनेट ने पात्रता मानदंड और सेवा शर्तें में बदलाव को भी मंज़ूरी दे दी है। अलग-अलग भर्ती चैनल से आने वाले उम्मीदवारों के लिए अनुभव, आयु और योग्यता सेवा से जुड़े प्रावधानों को रैशनलाइज़ किया गया है।इसके अलावा, वरिष्ठता और रोस्टर प्रबंधन के नियमों में बदलाव किए गए हैं। जिन मामलों में भर्ती प्रक्रिया अलग-अलग सालों में होती है, उनमें वरिष्ठता तय करने के लिए साफ़ नियम बनाए गए हैं, ताकि निष्पक्षता और एक जैसापन बना रहे। मौजूदा रोस्टर को भी बदला गया है ताकि आपसी वरिष्ठता को ठीक किया जा सके और भर्ती के अलग-अलग सूत्र के बीच संतुलित वितरण बनाए रखा जा सके।

👉हरियाणा कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार के लिए फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती के नियमों में ढील दी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग फार्मासिस्ट (ग्रुप-C) सेवा नियम, 1998 में संशोधनों को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य पूरे राज्य में कर्मचारियों की कमी को दूर करना और स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार करना है।वर्ष 2021 में फार्मासिस्ट के पद का नाम बदलकर फार्मेसी अधिकारी किए जाने के बाद, न्यूनतम योग्यता को बढ़ाकर फार्मेसी में स्नातक डिग्री (Bachelor’s Degree) कर दिया गया था, साथ ही अस्पताल-आधारित फार्मेसी सेवाओं में अनिवार्य छह महीने के प्रशिक्षण की शर्त भी जोड़ दी गई थी। हालाँकि, इन कड़े मानदंडों के कारण पात्र उम्मीदवारों की संख्या सीमित हो गई, जिससे सरकारी अस्पतालों और औषधालयों में पद खाली रहने लगे। इस समस्या को दूर करने के लिए कैबिनेट ने सेवा नियमों से अनिवार्य छह महीने के प्रशिक्षण की शर्त को हटाने की मंजूरी दे दी है। उम्मीद है कि इस कदम से पात्र उम्मीदवारों का दायरा काफी बढ़ जाएगा और भर्ती प्रक्रिया में तेज़ी आएगी।एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में, कैबिनेट ने फार्मेसी अधिकारी के पद के लिए भर्ती अनुपात में बदलाव को मंजूरी दी है। सीधी भर्ती का हिस्सा 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि पदोन्नति (promotion) का कोटा 25 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।कैबिनेट ने सेवा नियमों में संशोधित वेतनमानों को शामिल करने की भी मंजूरी दी है। फार्मेसी अधिकारियों के लिए वेतन स्तर को FPL-6 से अपडेट करके FPL-6A कर दिया गया है, जिसमें संशोधित मूल वेतन (basic pay) 39,900 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसे वित्त विभाग पहले ही मंजूरी दे चुका है।उम्मीद है कि इस कदम से हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, क्योंकि इससे योग्य फार्मेसी अधिकारियों की समय पर भर्ती सुनिश्चित होगी और पूरे राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की कमी को दूर किया जा सकेगा।

👉हरियाणा मंत्रिमंडल ने ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट के पात्रता मानदंडों में किया संशोधन
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग पैरा-मेडिकल एवं विविध पद (राज्य समूह ‘ग’) सेवा नियम, 1998 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। इस संशोधन का उद्देश्य ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट (OTA) पद के लिए शैक्षणिक योग्यताओं को अद्यतन एवं युक्तिसंगत बनाना है।यह निर्णय चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण में समय के साथ हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पूर्व में इस पद के लिए पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ जैसे संस्थानों से ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट का विशिष्ट डिप्लोमा कोर्स आवश्यक था। हालांकि, वर्ष 2009 से ऐसे डिप्लोमा पाठ्यक्रम बंद कर दिए गए हैं और उनकी जगह बैचलर ऑफ साइंस इन मेडिकल टेक्नोलॉजी (ऑपरेशन थिएटर/एनेस्थीसिया) जैसे डिग्री आधारित कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।इन परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने वर्तमान शैक्षणिक मानकों के अनुरूप संशोधित पात्रता मानदंडों को मंजूरी दी है। संशोधित नियमों के अनुसार, सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी के पास 10+2 विज्ञान (भौतिकी, रसायन विज्ञान तथा जीवविज्ञान/गणित) के साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से बैचलर डिग्री इन मेडिकल टेक्नोलॉजी (ऑपरेशन थिएटर/एनेस्थीसिया) होना अनिवार्य होगा। हिंदी या संस्कृत के ज्ञान संबंधी प्रावधान यथावत रखे गए हैं।संशोधनों के तहत पदोन्नति एवं प्रतिनियुक्ति के माध्यम से नियुक्ति के पात्रता मानदंडों को भी युक्तिसंगत बनाते हैं । पदोन्नति के लिए अभ्यर्थी के पास 10+2 विज्ञान के साथ किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान के ऑपरेशन थिएटर में समूह-डी कर्मचारी के रूप में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। वहीं प्रतिनियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के साथ ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट के रूप में संबंधित अनुभव अनिवार्य होगा।इस निर्णय से राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के ऑपरेशन थिएटरों में योग्य तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया को आधुनिक चिकित्सा शिक्षा मानकों के अनुरूप बनाया जा सकेगा।

👉हरियाणा मंत्रिमंडल ने उपयोगिता प्रमाण पत्रों के मानक प्रारूप को दी मंजूरी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में अनुदान सहायता के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) प्रस्तुत करने हेतु मानक प्रारूप लागू करने के लिए हरियाणा वित्तीय नियम, खंड-1 के नियम 8.14 (ख) में संशोधन को मंजूरी दी गई।वर्तमान में अनुदान प्राप्त करने वाले संस्थानों, स्थानीय निकायों, बोर्डों, निगमों और सहकारी समितियों को यह पुष्टि करने के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है कि निधि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए किया गया है, जबकि मौजूदा नियमों के तहत कोई एकसमान प्रारूप निर्धारित नहीं था, जिसके कारण रिपोर्टिंग में भिन्नताएं पैदा हुई और एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं।इस कमी को दूर करने के लिए मंत्रिमंडल ने नियमों में उपयोगिता प्रमाण पत्र का विस्तृत प्रारूप शामिल करने को मंजूरी दी। मानकीकृत प्रारूप को सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाले सभी विभागों और संस्थाओं में एकरूपता लाने के लिए तैयार किया गया है और इसमें हरियाणा के प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं पात्रता) से प्राप्त सुझावों को भी शामिल किया गया है।संशोधित प्रावधान के तहत अनुदान स्वीकृत करने या निकालने के लिए जिम्मेदार अधिकारी को यह प्रमाणित करना होगा कि अनुदान से जुड़ी सभी शर्तें पूरी हो गई हैं। उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रधान महालेखाकार के साथ सहमति से तय अंतराल पर निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत किया जाएगा। नियमों में सत्यापन तंत्र भी अनिवार्य किए गए हैं, जिनमें अभिलेखों का रखरखाव, सहायक दस्तावेजों की प्रस्तुति और निधियों के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए लेखा परीक्षा या निरीक्षण शामिल हैं।इस निर्णय से हरियाणा के विभिन्न विभागों और संस्थानों में सार्वजनिक धन के उपयोग में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

👉मंत्रिमंडल ने हरियाणा ट्रेजरी नियमों के तहत लास्ट पे सर्टिफिकेट (LPC) के प्रारूप में संशोधन को दी मंजूरी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा ट्रेजरी नियम, वॉल्यूम-II के नियम 4.176 के अंतर्गत निर्धारित लास्ट पे सर्टिफिकेट (LPC) के प्रारूप में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई है। यह नियम हरियाणा राज्य में लागू है।यह निर्णय सरकारी कर्मचारियों से संबंधित वित्तीय अभिलेखों की प्रणाली को आधुनिक एवं अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। इसका उपयोग विशेष रूप से किसी सरकारी कर्मचारी का एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरण के समय होता है। लास्ट पे सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसमें कर्मचारी के वेतन, भत्तों, कटौतियों, ऋणों एवं अग्रिमों से संबंधित विस्तृत जानकारी होती है, जिससे विभागों के बीच वित्तीय प्रक्रिया का सुचारू संचालन सुनिश्चित होता है।वित्त विभाग के स्वीकृति के अनुसार, लास्ट पे सर्टिफिकेट (LPC) के संशोधित प्रारूप में हालिया प्रशासनिक एवं वित्तीय सुधारों के अनुरूप कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। नए प्रारूप में विशेष रूप से यूनिक कोड पेयी तथा स्थायी सेवानिवृत्ति खाता नंबर (PRAN) को शामिल करने का प्रावधान किया गया है, जो हाल के वर्षों में कर्मचारी के वित्तीय अभिलेखों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इसके अतिरिक्त, सेवा की पूरी अवधि के सत्यापन से संबंधित एक नया कॉलम भी जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।संशोधित प्रारूप में अब कर्मचारियों से संबंधित विस्तृत जानकारी शामिल करने का भी प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत कर्मचारी का पैन, मोबाइल नंबर, पे—लेवल, बेसिक पे, अलाउंस विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही, इनकम टैक्स, GPF/PRAN, सब्सक्रिप्शन, एडवांस और रिकवरी सहित पूरी कटौती लेने का भी प्रावधान शामिल किया गया है।

👉राज्य के विभिन्न विभागीय योजनाओं में ‘मिश्रित भूमि उपयोग’ (Mixed Land Use) के रूप में निर्धारित भूमि के उपयोग से संबंधित नीति को मंजूरी दी गई है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विभिन्न विभागीय योजनाओं में ‘मिश्रित भूमि उपयोग’ (Mixed Land Use) के रूप में निर्धारित भूमि के उपयोग से संबंधित नीति को मंजूरी दी गई है।राज्य की कुछ विकास योजनाओं में मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्रों का प्रावधान किया गया है, जिनमें आवासीय, वाणिज्यिक, सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक, तथा साथ ही औद्योगिक उपयोग प्रस्तावित है। चूंकि, ऐसे मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्रों में अनुमत उपयोगों का प्रतिशत संबंधित विकास योजनाओं में निर्धारित नहीं किया गया था, इसलिए उनमें विभिन्न अनुमत परियोजनाओं को स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जा सकी और वे विभाग के पास लंबित थीं। अतः, मंत्रिमंडल ने उक्त मुद्दे को हल करने के लिए एक व्यापक नीति को मंजूरी दी है।नई तैयार की गई नीति के अनुसार, मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्रों में आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोगों की अनुमति दी जाएगी, भले ही संबंधित सेक्टर/जोन के शुद्ध नियोजित क्षेत्र के संबंध में कोई प्रतिशत सीमा (cap) निर्धारित न हो। हालांकि, अन्य नियोजन मापदंडों, जिनमें पहुंच और क्षेत्र के मानदंड शामिल हैं, का पालन संबंधित विकास योजना के ज़ोनिंग विनियमों और विभाग की उन मौजूदा नीतियों के अनुसार किया जाएगा जो समय-समय पर आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोगों के लिए ऐसी अनुमतियां देने हेतु बनाई गई हैं।पहले से अधिसूचित विकास योजनाओं में, जहाँ औद्योगिक उपयोग को अन्य तीन संगत उपयोगों (अर्थात् आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत) के साथ अनुमत दिखाया गया है, वहाँ औद्योगिक उपयोग मौजूदा सीमा तक ही सीमित रहेगा और भविष्य में इसके किसी भी विस्तार की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, मौजूदा परिसर के भीतर ऐसे उपयोगों के विस्तार पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा, यदि ऐसी किसी मौजूदा औद्योगिक इकाई का कोई मालिक भूमि उपयोग को अन्य तीन संगत उपयोगों (अर्थात् आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत) में से किसी एक में बदलना चाहता है, तो इसकी अनुमति केवल लागू नीतिगत मापदंडों और मानदंडों के पूर्ण अनुपालन में ही दी जाएगी।उपरोक्त के अलावा, मिश्रित भूमि उपयोग वाली परियोजनाओं (अर्थात् आवासीय और/या वाणिज्यिक और/या संस्थागत) को 70:30 के अनुपात में अनुमति दी जाएगी; अर्थात् न्यूनतम 70 प्रतिशत मुख्य उपयोग (dominant use) और अधिकतम 30 प्रतिशत संबद्ध उपयोग (allied use) की अनुमति होगी। सहायक उपयोग का प्रतिशत 7.5 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।इस नीति में मिश्रित भूमि उपयोग की अनुमतियों के लिए, नियोजन/क्षेत्र के मानदंडों में निम्नलिखित पैरामीटर शामिल होंगे :

👉किफायती आवास नीति-2013 में संशोधन को मंजूरी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में किफायती आवास नीति-2013 (Affordable Housing Policy-2013) में समय-समय पर किए गए संशोधनों सहित संशोधन को मंजूरी प्रदान की। यह मंजूरी हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 (Act No. 8 of 1975) की धारा 9A के तहत दी गई है।किफायती आवास नीति-2013 के क्लॉज 5(i) के तहत अपार्टमेंट यूनिट्स के आवंटन दरें निर्धारित हैं। ये दरें वर्ष 2013 में स्वीकृत की गई थीं तथा बाद में वर्ष 2021 और 2023 में संशोधित की गई थीं। उद्योग संगठनों, विशेषकर BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज आदि से प्राप्त अभ्यावेदन में परियोजना लागत, भूमि लागत, अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि तथा श्रम लागत में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए आवंटन दरों में वृद्धि की मांग की गई थी, जिससे डेवलपर्स के लिए किफायती आवास इकाइयों का निर्माण कठिन हो रहा था।इन अभ्यावेदनों का परीक्षण करने के बाद तथा लक्षित लाभार्थियों के लिए किफायती समूह आवास नीति के लाभों का विस्तार करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया कि हरियाणा राज्य में एजीएच (Affordable Group Housing) परियोजनाओं के तहत अपार्टमेंट यूनिट्स के आवंटन दरों में औसतन 10 से 12 प्रतिशत तक वृद्धि की जाए, ताकि ऐसी परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिल सके।

👉कैबिनेट ने संशोधित केंद्रीय खाद्य सुरक्षा मानदंडों के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, अधीनस्थ कार्यालय (ग्रुप-B) सेवा नियम, 2018’ में पहले संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन का उद्देश्य राज्य के सेवा नियमों को भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुरूप बनाना और राज्य में खाद्य सुरक्षा तथा औषधि प्रशासन को नियंत्रित करने वाले नियामक ढांचे को मजबूत करना है।यह संशोधन भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 जनवरी 2023 को जारी अधिसूचना के बाद आवश्यक हो गया था, जिसमें ‘खाद्य सुरक्षा और मानक नियम, 2011’ के तहत आवश्यक योग्यताओं और अनुभव के मानदंडों को संशोधित किया गया था। ये बदलाव विशेष रूप से प्रमुख नियामक पदों से संबंधित हैं, जिनमें पदनामित अधिकारी (Designated Officers), खाद्य सुरक्षा अधिकारी और खाद्य विश्लेषक शामिल हैं।संशोधित केंद्रीय मानदंडों के अनुरूप, हरियाणा कैबिनेट ने एकरूपता और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सेवा नियमों में भी तदनुरूप बदलावों को मंजूरी दी है। ये संशोधन उपर्युक्त पदों के लिए पात्रता की शर्तों को संशोधित करते हैं, जिसमें शैक्षिक योग्यता और पेशेवर अनुभव की आवश्यकताएं शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कर्मियों के पास अद्यतन तकनीकी विशेषज्ञता हो और वे खाद्य सुरक्षा तथा औषधि विनियमन के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर रूप से तैयार हों।

👉हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) परियोजना की संशोधित लागत को कैबिनेट की मंजूरी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में महत्वाकांक्षी हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी प्रदान की गई। यह निर्णय राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।कैबिनेट ने परियोजना की संशोधित लागत लगभग 11,709 करोड़ रुपये को मंजूरी दी, जो पहले स्वीकृत 5,618 करोड़ रुपये की तुलना में अधिक है। यह संशोधन वर्तमान बाजार परिस्थितियों, परियोजना के दायरे में विस्तार और नीतिगत बदलावों के आधार पर किया गया है। संशोधित लागत का अनुमोदन पहले ही हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HORCL) के निदेशक मंडल द्वारा किया जा चुका है, जो इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) है।यह परियोजना हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HRIDC) के तहत संयुक्त उद्यम मॉडल पर लागू की जा रही है, जिसमें सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ निजी भागीदार जैसे मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स भी शामिल हैं।वजहों से हो सकती है, जिसमें ज़मीन खरीदने की लागत में तेज़ी से बढ़ोतरी, अलाइनमेंट में चार्ज, एनसीआर क्षेत्र में नए पुल, समय के साथ लागत में आम बढ़ोतरी, और काम के कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी रेट का 12 परसेंट से बढ़कर 18 परसेंट होना शामिल है। इसके अलावा, रेलवे की पॉलिसी में बदलाव और बेहतर टेक्निकल स्पेसिफिकेशन की ज़रूरत ने भी कंस्ट्रक्शन की लागत को बढ़ाया है।इसके अलावा, रेलवे नीतियों में बदलाव और उन्नत तकनीकी मानकों की आवश्यकता के कारण निर्माण लागत में भी वृद्धि हुई है।संशोधित लागत में परियोजना के अतिरिक्त घटकों और दायरे में विस्तार को भी शामिल किया गया है, जैसे रेलवे यार्ड के ढांचे में बदलाव और कुछ हिस्सों में कनेक्टिविटी सुधार, जो मूल योजना का हिस्सा नहीं थे। इन परिवर्तनों का उद्देश्य परिचालन दक्षता को बढ़ाना और मौजूदा तथा प्रस्तावित रेल एवं माल ढुलाई कॉरिडोर, विशेषकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC), के साथ निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करना है।परियोजना पूर्ण होने पर यह खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब को सीधे रेल संपर्क प्रदान करेगी। साथ ही, हरियाणा एनसीआर क्षेत्र में नए टाउनशिप के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कॉरिडोर माल परिवहन को सुगम बनाने, ट्रांजिट समय कम करने और राज्य में औद्योगिकीकरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

👉कैबिनेट ने इंडस्ट्रियल ग्रोथ और ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक लाइसेंसिंग नीति-2015 में संशोधन को मंज़ूरी दी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की बैठक में 01.10.2015 की औद्योगिक लाइसेंसिंग नीति में ज़रूरी बदलावों को मंज़ूरी दी गई। इसका उदेश्य रेगुलेटरी नियमों को सही बनाना, डेवलपर्स पर पैसे का बोझ कम करना और पूरे राज्य में नियोजित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।ये बदलाव इंडस्ट्री की लंबे समय से चली आ रही मांगों के जवाब में लाए गए हैं, जिसमें NAREDCO जैसे हितधारकों से प्रतिनिधित्व भी शामिल हैं, और इनका उदेश्य टेक्सटाइल नीति जैसी दूसरी सेक्टर की नीति में लिए गए फैसलों के साथ स्पष्टता, स्थिरता और समता लाना है।कैबिनेट का एक अहम फैसला एग्रीकल्चर ज़ोन में बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) को रेशनलाइजेशन करने से जुड़ा है। यह मंज़ूरी दी गई है कि जिन मामलों में शहरी सीमा के 500 मीटर से ज्यादा के एग्रीकल्चर ज़ोन में इंडस्ट्रियल लाइसेंस दिया गया है, और जहाँ कंप्लीशन या पार्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट पहले ही जारी किया जा चुका है, अगर ऐसी ज़मीन बाद में शहरी ज़ोन में या उसके 500 मीटर के अंदर शामिल हो जाती है, तो कोई ईडीसी नहीं देना होगा। लेकिन, ऐसी लाइसेंस वाली ज़मीन के बाकी अधूरे हिस्से के लिए, अर्बनाइज़ेबल ज़ोन में इंडस्ट्रियल कॉलोनियों के लिए मौजूदा नियमों के हिसाब से ईडीसी लागू होगा। इसके अलावा, ऐसे मामलों में जहां कोई डेवलपर पहले से बने या आधे-अधूरे एरिया के लिए खास इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं चाहता है, तो संबंधित सरकारी एजेंसियों द्वारा दिए गए ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर की असली कीमत ही ली जाएगी।

👉हरियाणा मंत्रिमंडल ने रिठाला–नरेला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के संशोधित डीपीआर को दी मंजूरी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में रिठाला–नरेला–कुंडली (फेज-IV) मेट्रो कॉरिडोर के हरियाणा हिस्से के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी प्रदान की।स्वीकृत परियोजना के तहत मेट्रो लाइन को नरेला से कुंडली तक हरियाणा क्षेत्र में 2.726 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा, जिसमें कुंडली और नाथुपुर में दो एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। हरियाणा के हिस्से में बनने वाली इस परियोजना की कुल लागत 545.77 रुपये करोड़ स्वीकृत की गई है।कुल लागत में से भारत सरकार 97.30 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि हरियाणा सरकार 448.48 करोड़ रुपये का वहन करेगी, जिसमें भूमि लागत भी शामिल है। परियोजना को अन्य डीएमआरसी परियोजनाओं की तरह केंद्र और राज्य के बीच अनुदान एवं अधीनस्थ ऋण के साझा ढांचे के तहत लागू किया जाएगा।मंत्रिमंडल ने अद्यतन वित्तीय एवं तकनीकी मानकों को शामिल करते हुए संशोधित डीपीआर को भी मंजूरी दी। इस परियोजना को भारत सरकार के पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) से पहले ही स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।मंत्रिमंडल ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के साथ समझौते करने तथा परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकृत किया है। मुख्यमंत्री को भारत सरकार के साथ परामर्श कर कार्यान्वयन के दौरान आवश्यक संशोधनों को स्वीकृत करने का अधिकार भी प्रदान किया गया है।यह अवसंरचना परियोजना हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश (गाजियाबाद) के बीच निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी, जिससे एनसीआर क्षेत्र में क्षेत्रीय आवागमन में सुधार होगा तथा यातायात दबाव में कमी आएगी।

👉हरियाणा कैबिनेट ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत RRTS कॉरिडोर को मंज़ूरी दी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (क्षेत्रीय त्वरित पारगमन प्रणाली–RRTS) कॉरिडोर के कार्यान्वयन को मंज़ूरी दे दी है। यह परियोजना राज्य में तेज़, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मंज़ूर प्रस्ताव के अनुसार, यह कॉरिडोर दिल्ली से पानीपत तक और उससे आगे करनाल तक फैला होगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 136.30 किमी होगी। परियोजना की अनुमानित कुल लागत लगभग ₹33,051.15 करोड़ है, जिसमें से हरियाणा सरकार का हिस्सा ₹7,472.11 करोड़ है। राज्य का योगदान चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा।इस परियोजना में हरियाणा में 11 स्टेशनों का प्रस्ताव है, जो राज्य के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच निर्बाध और उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे। उम्मीद है कि यह कॉरिडोर यात्रा के समय को काफी कम करेगा, सड़कों पर भीड़भाड़ कम करेगा और प्रदूषण नियंत्रण में योगदान देगा।

👉नवीनतम समाचार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

समाचार और विज्ञापनों के लिए, हमारे व्हाट्सएप नंबर +91 98786-15057 पर संपर्क करें।

ਵਿੱਤ ਬਿੱਲ 2026 ‘ਤੇ ਮਾਲਵਿੰਦਰ ਕੰਗ ਦੀਆਂ ਟਿੱਪਣੀਆਂ: ਕਈ ਖੋਖਲੇ ਦਾਅਵੇ, ਪਰ ਜ਼ਮੀਨੀ ਹਕੀਕਤ ਕੁਝ ਹੋਰ ਹੀ ਬਿਆਨ ਕਰਦੀ ਹੈ

👉ਕੰਗ ਨੇ ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਵਾਘਾ ਸਰਹੱਦ ਖੋਲ੍ਹਣ ਦੀ ਕੀਤੀ ਮੰਗ
New Delhi news:ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ (ਆਪ) ਦੇ ਸੰਸਦ ਮੈਂਬਰ ਮਾਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਕੰਗ ਨੇ ਵਿੱਤ ਬਿੱਲ 2026 ‘ਤੇ ਬੋਲਦਿਆਂ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ‘ਤੇ ਤਿੱਖਾ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਇੱਕ ਦਹਾਕੇ ਦੌਰਾਨ ਆਰਥਿਕ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਅਤੇ ਸੁਧਾਰਾਂ ਦੇ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਦਾਅਵੇ ਜ਼ਮੀਨੀ ਹਕੀਕਤ ਨਾਲੋਂ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਹਨ।ਕੰਗ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿੱਥੇ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਆਰਥਿਕ ਤਰੱਕੀ ਦੇ ਵੱਡੇ-ਵੱਡੇ ਦਾਅਵੇ ਕੀਤੇ ਹਨ, ਉੱਥੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਆਰਥਿਕਤਾ ਦੀ ਅਸਲੀ ਤਸਵੀਰ ਬਹੁਤ ਚਿੰਤਾਜਨਕ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਅਸੀਂ ਪਿਛਲੇ ਦਸ ਸਾਲਾਂ ‘ਤੇ ਨਜ਼ਰ ਮਾਰੀਏ ਤਾਂ ਮਹਿੰਗਾਈ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਚੇ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਹੈ ਅਤੇ ਭਾਰਤੀ ਰੁਪਿਆ ਬਹੁਤ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ, ਜੋ ਅਮਰੀਕੀ ਡਾਲਰ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ 90 ਦੇ ਖ਼ਤਰਨਾਕ ਅੰਕੜੇ ਨੂੰ ਪਾਰ ਕਰ ਗਿਆ ਹੈ। ਜਿਹੜੇ ਲੋਕ ਕਦੇ 60 ਰੁਪਏ ਲਿਟਰ ਪੈਟਰੋਲ ਦੇਣ ਦਾ ਵਾਅਦਾ ਕਰਦੇ ਸਨ, ਅੱਜ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕੀਮਤਾਂ 100 ਰੁਪਏ ਤੋਂ ਪਾਰ ਪਹੁੰਚਾ ਦਿੱਤੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਵੀ ਲਗਾਤਾਰ ਮਹਿੰਗਾ ਹੁੰਦਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਦੁਰਦਸ਼ਾ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦਿਆਂ ਕੰਗ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਦੁੱਗਣੀ ਕਰਨ ਦਾ ਵਾਅਦਾ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਫੇਲ੍ਹ ਸਾਬਤ ਹੋਇਆ ਹੈ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  Dr. Baljit Kaur ਵੱਲੋਂ ਮਲੋਟ ਵਿੱਚ ₹16.25 ਕਰੋੜ ਦਾ ਵਾਟਰ ਸਪਲਾਈ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਸ਼ੁਰੂ

ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਦਹਾਕੇ ਵਿੱਚ ਆਮਦਨ ਦੁੱਗਣੀ ਹੋਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਲਾਗਤ ਖਰਚੇ ਦੁੱਗਣੇ ਜਾਂ ਤਿੰਨ ਗੁਣਾ ਹੋ ਗਏ ਹਨ। ਕੀਟਨਾਸ਼ਕਾਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਖਾਦਾਂ ਤੱਕ ਹਰ ਚੀਜ਼ ਮਹਿੰਗੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨ ਹੋਰ ਵੀ ਸੰਕਟ ਵਿੱਚ ਫਸ ਗਏ ਹਨ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰੀ ਆਰਥਿਕ ਦਾਅਵਿਆਂ ਅਤੇ ਵਿਅਕਤੀਗਤ ਖੁਸ਼ਹਾਲੀ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਵੱਡੇ ਪਾੜੇ ਵੱਲ ਇਸ਼ਾਰਾ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ।ਸਾਨੂੰ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਭਾਰਤ ਦੁਨੀਆ ਦੀਆਂ ਪੰਜ ਚੋਟੀ ਦੀਆਂ ਅਰਥਵਿਵਸਥਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੈ, ਪਰ ਸਾਡੀ ਪ੍ਰਤੀ ਵਿਅਕਤੀ ਆਮਦਨ ਦੀ ਦਰਜਾਬੰਦੀ ਫਿਸਲ ਕੇ 142ਵੇਂ ਸਥਾਨ ‘ਤੇ ਆ ਗਈ ਹੈ। ਗਰੀਬੀ ਵਧ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਅਮੀਰ-ਗਰੀਬ ਦਾ ਪਾੜਾ ਹੋਰ ਡੂੰਘਾ ਹੁੰਦਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।ਕਾਰਪੋਰੇਟ ਪੱਖੀ ਨੀਤੀਆਂ ‘ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਕੰਗ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਵੱਡੇ ਕਾਰਪੋਰੇਟ ਘਰਾਣਿਆਂ ਦੇ 16 ਲੱਖ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਤੋਂ ਵੱਧ ਦੇ ਕਰਜ਼ੇ ਐਨਪੀਏ ਵਜੋਂ ਮੁਆਫ਼ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਹਨ, ਜਦਕਿ ਕਿਸਾਨ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ ਸਮਰਥਨ ਮੁੱਲ (ਐਮਐਸਪੀ) ਦੀ ਗਾਰੰਟੀ ਲਈ ਅਜੇ ਵੀ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਟਿੱਪਣੀ ਕੀਤੀ ਕਿ ਇਹ ਸਪੱਸ਼ਟ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਦਿਖਾਉਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਕਿਸ ਦੇ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹੀ ਹੈ।ਕੰਗ ਨੇ ਅਗਨੀਵੀਰ ਯੋਜਨਾ ਦੀ ਵੀ ਸਖ਼ਤ ਆਲੋਚਨਾ ਕਰਦਿਆਂ ਇਸ ਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ‘ਤੇ ਵੱਡੀ ਸੱਟ ਕਰਾਰ ਦਿੱਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਹੜੇ ਨੌਜਵਾਨ ਕਦੇ ਹਥਿਆਰਬੰਦ ਸੈਨਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਸੇਵਾ ਕਰਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕਰਦੇ ਸਨ, ਅੱਜ ਉਹ ਆਪਣੇ ਭਵਿੱਖ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਅਨਿਸ਼ਚਿਤ ਹਨ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  Punjab ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਘੱਟ ਉਮਰ ਦੀ ਲਾਭਪਾਤਰੀ, 1 ਸਾਲ ਦੀ ਬੱਚੀ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਮਿਲਿਆ ਜੀਵਨ-ਰੱਖਿਅਕ ਇਲਾਜ

ਇਸ ਨੀਤੀ ਨੇ ਕਈਆਂ ਨੂੰ ਨਿਰਾਸ਼ਾ ਅਤੇ ਗੈਂਗਸਟਰਵਾਦ ਵੱਲ ਧੱਕ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰਿਆਣਾ ਵਰਗੇ ਸੂਬਿਆਂ ਵਿੱਚ ਚਿੰਤਾਜਨਕ ਰੁਝਾਨ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜਿੱਥੇ ਬੇਰੁਜ਼ਗਾਰ ਨੌਜਵਾਨ ਗਲਤ ਰਸਤਿਆਂ ਵੱਲ ਭਟਕ ਰਹੇ ਹਨ।ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਵਪਾਰ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ‘ਤੇ ਕੰਗ ਨੇ ਭਾਰਤ-ਅਮਰੀਕਾ ਵਪਾਰਕ ਗੱਲਬਾਤ ਅਤੇ ਭਾਰਤੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ‘ਤੇ ਇਸ ਦੇ ਸੰਭਾਵੀ ਪ੍ਰਭਾਵਾਂ ਬਾਰੇ ਗੰਭੀਰ ਚਿੰਤਾਵਾਂ ਜਤਾਈਆਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਇਹ ਸੌਦਾ ਸਾਡੇ ਕਿਸਾਨਾਂ, ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਡੇਅਰੀ, ਹਿਮਾਚਲ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਸੇਬ ਉਤਪਾਦਕਾਂ ਅਤੇ ਮੱਕੀ ਦੇ ਉਤਪਾਦਕਾਂ ਦੀ ਰੋਜ਼ੀ-ਰੋਟੀ ‘ਤੇ ਸਿੱਧਾ ਹਮਲਾ ਹੈ। ਸਰਕਾਰ ਸਾਡੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦੀ ਰੀੜ੍ਹ ਦੀ ਹੱਡੀ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਦੀ ਬਜਾਏ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਅਣਉਚਿਤ ਵਿਸ਼ਵ ਮੁਕਾਬਲੇ ਵਿੱਚ ਝੋਕ ਰਹੀ ਹੈ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੰਜਾਬ ਰਾਹੀਂ ਸਰਹੱਦ ਪਾਰ ਵਪਾਰ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਵੀ ਚੁੱਕਿਆ। ਕੰਗ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ।ਵੱਡੇ ਕਾਰਪੋਰੇਟਾਂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਵਾਲੇ ਮੁੰਬਈ-ਕਰਾਚੀ ਰੂਟਾਂ ਰਾਹੀਂ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਕਰੋੜਾਂ ਦਾ ਵਪਾਰ ਜਾਰੀ ਹੈ, ਪਰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ-ਲਾਹੌਰ (ਵਾਘਾ ਬਾਰਡਰ) ਵਪਾਰਕ ਮਾਰਗ ਬੰਦ ਪਿਆ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਇਹ ਖੁੱਲ੍ਹਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਇਹ ਪੰਜਾਬ, ਹਿਮਾਚਲ ਪ੍ਰਦੇਸ਼, ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ, ਪੱਛਮੀ ਉੱਤਰ ਪ੍ਰਦੇਸ਼, ਰਾਜਸਥਾਨ ਅਤੇ ਹਰਿਆਣਾ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਨੂੰ ਬਦਲ ਸਕਦਾ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਰੂਟ ਦੇ ਬੰਦ ਰਹਿਣ ਦਾ ਕਾਰਨ ਸਪੱਸ਼ਟ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਵੱਡੇ ਕਾਰਪੋਰੇਟ ਘਰਾਣਿਆਂ ਦੀ ਬਜਾਏ ਆਮ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਤਾਕਤਵਰ ਬਣਾਏਗਾ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮੁੰਡੀਆਂ ਨੇ 14 ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਤਰਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਨਿਯੁਕਤੀ ਪੱਤਰ ਸੌਂਪੇ

ਸਮਾਜਿਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ‘ਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਘੇਰਦਿਆਂ ਕੰਗ ਨੇ ਪੁਰਾਣੀ ਪੈਨਸ਼ਨ ਸਕੀਮ (ਓਪੀਐਸ) ਨੂੰ ਬਹਾਲ ਕਰਨ ਵੱਲ ਕੋਈ ਵੀ ਠੋਸ ਕਦਮ ਨਾ ਚੁੱਕਣ ਦੀ ਆਲੋਚਨਾ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਲਈ ਸੇਵਾਮੁਕਤੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਕੋਈ ਪ੍ਰਬੰਧ ਨਹੀਂ ਹੈ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਮਨਰੇਗਾ ਵਰਗੀਆਂ ਭਲਾਈ ਸਕੀਮਾਂ ਨੂੰ ਕਮਜ਼ੋਰ ਕਰਨ ਨਾਲ ਪੇਂਡੂ ਰੋਜ਼ੀ-ਰੋਟੀ ‘ਤੇ ਬੁਰਾ ਅਸਰ ਪਿਆ ਹੈ। ਕੰਗ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਨਰੇਗਾ ਲੱਖਾਂ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਲਈ ਜੀਵਨ ਰੇਖਾ ਸੀ, ਪਰ ਇਸ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ ਘਟਾਉਣ ਨਾਲ ਸਭ ਤੋਂ ਗਰੀਬ ਵਰਗਾਂ ਤੋਂ ਬੁਨਿਆਦੀ ਆਮਦਨ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਖੋਹ ਲਈ ਗਈ ਹੈ।ਆਪਣੇ ਭਾਸ਼ਣ ਦੀ ਸਮਾਪਤੀ ਕਰਦਿਆਂ ਕੰਗ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਨਰੇਗਾ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਨਾ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਹੈ, ਅਗਨੀਵੀਰ ਯੋਜਨਾ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਅਤੇ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਹੈ, ਅਤੇ ਭਾਰਤ-ਅਮਰੀਕਾ ਸੌਦੇ ਵਰਗੀਆਂ ਵਪਾਰਕ ਨੀਤੀਆਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਰੋਜ਼ੀ-ਰੋਟੀ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਹਨ। ਦੇਸ਼ ਸਿਰਫ ਮੀਡੀਆ ਦੀਆਂ ਖਬਰਾਂ ਅਤੇ ਖੋਖਲੇ ਦਾਅਵਿਆਂ ਦੇ ਸਿਰ ‘ਤੇ ਅੱਗੇ ਨਹੀਂ ਵਧ ਸਕਦਾ। ਅਸਲੀ ਵਿਕਾਸ ਉਦੋਂ ਹੀ ਹੋਵੇਗਾ ਜਦੋਂ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਢਿੱਡ ਭਰਨ ਵਾਲਾ ਕਿਸਾਨ, ਸਰਹੱਦਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਕਰਨ ਵਾਲਾ ਨੌਜਵਾਨ ਅਤੇ ਆਰਥਿਕਤਾ ਉਸਾਰਨ ਵਾਲਾ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਅਤੇ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਹੋਵੇਗਾ।

👉ਹੋਰ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਹੇਠ ਦਿੱਤੇ Link ਉੱਪਰ Click ਕਰੋ।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

ਨਿਊਜ਼ ਅਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਡੇ whatsapp number +91 98786-15057 ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ।

Punjab ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਘੱਟ ਉਮਰ ਦੀ ਲਾਭਪਾਤਰੀ, 1 ਸਾਲ ਦੀ ਬੱਚੀ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਮਿਲਿਆ ਜੀਵਨ-ਰੱਖਿਅਕ ਇਲਾਜ

0

👉ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਂਦੀ ਹੈ ਕਿ ਵਿੱਤੀ ਜਾਂ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਅੜਚਨਾਂ ਕਾਰਨ ਇਲਾਜ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਨਾ ਹੋਵੇ: ਡਾ. ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab News:ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਉਣ ਵਾਲੇ ਨਵਜੰਮੇ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਛੋਟੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਵਧਦੀ ਗਿਣਤੀ ਦੇ ਨਾਲ, ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾ ਰਹੀ ਹੈ ਕਿ ਨਾਜ਼ੁਕ ਸਮੇਂ ਦੌਰਾਨ ਡਾਕਟਰੀ ਸਹਾਇਤਾ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਦੇਰੀ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇ।ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ, 1 ਸਾਲ ਦੀ ਬੱਚੀ ਖਵਾਇਸ਼ ਨੂੰ ਨਿਮੋਨੀਆ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਦਾਖ਼ਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਡਾਕਟਰੀ ਸਹਾਇਤਾ ਦੀ ਲੋੜ ਸੀ। ਪਹਿਲਾਂ ਅਜਿਹੇ ਕਈ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ, ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਇਲਾਜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਫੰਡਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨਾ, ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਪੂਰੇ ਕਰਨੇ ਜਾਂ ਮਨਜ਼ੂਰੀਆਂ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕਰਨੀ ਪੈਂਦੀ ਸੀ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਦੇ ਤਹਿਤ ਇਹ ਪਾੜਾ ਖ਼ਤਮ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।ਸਿਹਤ ਕਾਰਡ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਬਣਿਆ ਹੋਣ ਕਾਰਨ, ਦੀਪ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਡਾ. ਮੋਨਿਕਾ ਗਰਗ ਦੀ ਨਿਗਰਾਨੀ ਹੇਠ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਅਗਾਊਂ ਅਦਾਇਗੀ ਦੇ ਤੁਰੰਤ ਇਲਾਜ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  Dr. Baljit Kaur ਵੱਲੋਂ ਮਲੋਟ ਵਿੱਚ ₹16.25 ਕਰੋੜ ਦਾ ਵਾਟਰ ਸਪਲਾਈ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਸ਼ੁਰੂ

ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਪੈਸਿਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਪਿਆ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਵੈਰੀਫਿਕੇਸ਼ਨ ਦੇ ਪੜਾਵਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਗੁਜ਼ਰਨਾ ਪਿਆ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਡਾਕਟਰਾਂ ਨੂੰ ਨਾਜ਼ੁਕ ਸਮੇਂ ‘ਤੇ ਇਲਾਜ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਮਿਲੀ। ਛੋਟੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ, ਥੋੜ੍ਹੀ ਜਿਹੀ ਦੇਰੀ ਵੀ ਪੇਚੀਦਗੀਆਂ ਪੈਦਾ ਕਰ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਇਲਾਜ ਤੱਕ ਤੁਰੰਤ ਪਹੁੰਚ ਨੇ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਕਿ ਬੱਚੀ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਦੇਖਭਾਲ ਮਿਲੀ ਅਤੇ ਉਹ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਤੰਦਰੁਸਤ ਹੋ ਗਈ।ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਸੰਗਰੂਰ ਅਤੇ ਮਾਨਸਾ ਵਰਗੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਤੋਂ ਵੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਏ, ਜਿੱਥੇ ਘੱਟ ਭਾਰ ਅਤੇ ਹੋਰ ਗੰਭੀਰ ਸਥਿਤੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਸਮੇਤ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਦੇਖਭਾਲ ਦੀ ਲੋੜ ਵਾਲੇ ਨਵਜੰਮੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਵਿੱਤੀ ਰੁਕਾਵਟ ਦੇ, ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਡਾਕਟਰੀ ਸਹਾਇਤਾ ਮਿਲ ਰਹੀ ਹੈ। ਅਜਿਹੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਦੀ ਵਧਦੀ ਗਿਣਤੀ ਦਰਸਾਉਂਦੀ ਹੈ ਕਿ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਲਈ ਇਲਾਜ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਕਿੰਨੀ ਤੇਜ਼ ਅਤੇ ਸੁਖਾਲੀ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ।ਯੋਜਨਾ ਦੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ‘ਤੇ ਚਾਨਣਾ ਪਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਿਹਤ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਭਲਾਈ ਮੰਤਰੀ ਡਾ. ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਂਦੀ ਹੈ ਕਿ ਵਿੱਤੀ ਜਾਂ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਅੜਚਨਾਂ ਕਾਰਨ ਇਲਾਜ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਨਾ ਹੋਵੇ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ‘ਖੇਡ ਕ੍ਰਾਂਤੀ’ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਕੌਮਾਂਤਰੀ ਖੇਡ ਨਕਸ਼ੇ ’ਤੇ ਉਭਾਰਿਆ, ਹਾਕੀ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਨਾਲ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਾਕੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰੇਗਾ ਪੰਜਾਬ

ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ, ਜਿੱਥੇ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਦੇਖਭਾਲ ਦੀ ਲੋੜ ਸੀ, ਉੱਥੇ ਥੋੜ੍ਹੀ ਜਿਹੀ ਦੇਰੀ ਦੇ ਵੀ ਗੰਭੀਰ ਨਤੀਜੇ ਨਿਕਲ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਇਹ ਯੋਜਨਾ ਉਸ ਖ਼ਤਰੇ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਖ਼ਤਮ ਕਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ।”ਇਹ ਯੋਜਨਾ ਪ੍ਰਤੀ ਪਰਿਵਾਰ ਸਾਲਾਨਾ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਕੈਸ਼ਲੈੱਸ ਸਿਹਤ ਬੀਮਾ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਸੂਚੀਬੱਧ ਸਰਕਾਰੀ ਅਤੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਹੁਣ ਤੱਕ 26 ਲੱਖ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸਿਹਤ ਕਾਰਡ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਜਾ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਅਤੇ ਮਰੀਜ਼ 900 ਤੋਂ ਵੱਧ ਸੂਚੀਬੱਧ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਵਿੱਚ 2300 ਤੋਂ ਵੱਧ ਮੈਡੀਕਲ ਪੈਕੇਜਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਨਾਲ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾ ਰਹੇ ਹਨ।ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਇਲਾਜ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਨਵਜੰਮੇ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਬਾਲ ਕੇਸਾਂ ਦੀ ਵਧਦੀ ਗਿਣਤੀ ਤੇਜ਼ ਅਤੇ ਵਧੇਰੇ ਪਹੁੰਚਯੋਗ ਸਿਹਤ ਸੰਭਾਲ ਸੇਵਾਵਾਂ ਵੱਲ ਇੱਕ ਤਬਦੀਲੀ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੀ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਇਲਾਜ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਵਿੱਤੀ ਝਿਜਕ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਸਨੀਕਾਂ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਕੈਸ਼ਲੈੱਸ ਇਲਾਜ ਦਾ ਲਾਭ ਲੈਣ ਲਈ ਨਿਰਧਾਰਤ ਕੇਂਦਰਾਂ ‘ਤੇ ਸਿਹਤ ਕਾਰਡ ਲਈ ਰਜਿਸਟਰ ਕਰਨ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ।

👉ਹੋਰ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਹੇਠ ਦਿੱਤੇ Link ਉੱਪਰ Click ਕਰੋ।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

ਨਿਊਜ਼ ਅਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਡੇ whatsapp number +91 98786-15057 ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ।

ਬਲਾਕ ਸੰਮਤੀ ਤਲਵੰਡੀ ਸਾਬੋ ‘ਤੇ AAP ਹੋਈ ਕਾਬਜ਼; ਜਗਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਣੇ ਚੇਅਰਮੈਨ

0

Talwandi Sabo News: ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਦੇ ਅਖ਼ੀਰ ‘ਚ ਹੋਈ ਬਲਾਕ ਸੰਮਤੀ ਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਚੋਣਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅੱਜ ਅਹੁੱਦੇਦਾਰਾਂ ਦੀ ਹੋਈ ਚੋਣ ਵਿਚ ਤਲਵੰਡੀ ਸਾਬੋ ‘ਚ ਵੀ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੋਨਾਂ ਅਹੁੱਦਿਆਂ ‘ਤੇ ਕਾਬਜ਼ ਹੋਣ ਵਿਚ ਸਫ਼ਲ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਚੋਣ ਵਿਚ ਬਲਾਕ ਸੰਮਤੀ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਜਗਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਕੋਟਬਖਤੂ ਤੇ ਮਹਿਮਾ ਸਿੰਘ ਕੌਰੇਆਣਾ ਉਪ ਚੇਅਰਮੈਨ ਵਜੋਂ ਚੁਣੇ ਗਏ ਹਨ। ਹਲਕਾ ਵਿਧਾਇਕ ਤੇ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿਚ ਚੀਫ਼ ਵਿੱਪ ਪ੍ਰੋ ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਨਵਨਿਯੁਕਤ ਚੇਅਰਮੈਨ ਤੇ ਉੱਪ ਚੇਅਰਮੈਨ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਉਮੀਦ ਜ਼ਾਹਰ ਕੀਤੀ ਕਿ ਨਵਨਿਯੁਕਤ ਅਹੁੱਦੇਦਾਰ ਦਿਹਾਤੀ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਵਿਕਾਸ ਦੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਨੂੰ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕਰਨਗੇ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ DM ਰੰਧਾਵਾ ਦਾ ਹੋਇਆ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ, ਲਾਲਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਅਦਾਲਤ ਵਿਚ ਪੇਸ਼

 

👉ਹੋਰ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਹੇਠ ਦਿੱਤੇ Link ਉੱਪਰ Click ਕਰੋ।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

ਨਿਊਜ਼ ਅਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਡੇ whatsapp number +91 98786-15057 ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ।

AIIMS Bathinda ਵਿੱਚ ਰਿਸਰਚ ਮੈਥਡੋਲੋਜੀ ਅਤੇ ਸਾਂਖਿਆਕੀ ਵਿੱਚ ਸਰਵੋਤਮ ਅਭਿਆਸ: ਪ੍ਰਯੋਗਾਤਮਕ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ‘ਤੇ ਸੱਤ ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਵਰਕਸ਼ਾਪ

0

Bathinda News: “ਰਿਸਰਚ ਮੈਥਡੋਲੋਜੀ ਅਤੇ ਅੰਕੜਾ ਵਿਗਿਆਨ ਵਿੱਚ ਸਰਵੋਤਮ ਪ੍ਰਥਾਵਾਂ: ਇੱਕ ਪ੍ਰਯੋਗਾਤਮਕ ਪਹੁੰਚ” ਵਿਸ਼ੇ ਉੱਤੇ ਸੱਤ ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਵਰਕਸ਼ਾਪ 16 ਤੋਂ 22 ਮਾਰਚ 2026 ਤੱਕ ਇੰਸਟੀਚਿਊਟ ਆਫ ਨਰਸਿੰਗ ਐਜੂਕੇਸ਼ਨ ਐਂਡ ਰਿਸਰਚ (ਆਈ. ਐਨ. ਈ. ਆਰ.), ਏਮਜ਼ ਬਠਿੰਡਾ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰੋ. (ਡਾ.) ਨੀਰਜਾ ਭਾਟਲਾ, ਪ੍ਰਧਾਨ, ਏਮਜ਼ ਬਠਿੰਡਾ ਅਤੇ ਪ੍ਰੋ. (ਡਾ.) ਰਤਨ ਗੁਪਤਾ, ਐਗਜ਼ਿਕਿਊਟਿਵ ਡਾਇਰੈਕਟਰ, ਏਮਜ਼ ਬਠਿੰਡਾ ਦੀ ਯੋਗ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਹੇਠ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਹ ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਸਿਹਤ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਭਲਾਈ ਮੰਤਰਾਲੇ, ਨਵੀਂ ਦਿੱਲੀ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਾਯੋਜਿਤ ਸੀ।ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਅਤੇ ਬੇਸਲਾਈਨ ਗਿਆਨ ਦੀ ਜਾਂਚ ਲਈ ਪ੍ਰੀ-ਟੈਸਟ ਨਾਲ ਹੋਈ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  DM ਰੰਧਾਵਾ ਦਾ ਹੋਇਆ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ, ਲਾਲਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਅਦਾਲਤ ਵਿਚ ਪੇਸ਼

ਉਦਘਾਟਨੀ ਸੈਸ਼ਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰਿਸਰਚ ਦੇ ਮੂਲ ਸਿਧਾਂਤਾਂ ‘ਤੇ ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਲੈਕਚਰ ਦਿੱਤੇ ਗਏ। ਸਮਾਗਮ ਦੀ ਮੁੱਖ ਅਤਿਥੀ ਪ੍ਰੋ. (ਡਾ.) ਨੀਰਜਾ ਭਾਟਲਾ ਨੇ ਪ੍ਰੇਰਣਾਦਾਇਕ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਸਾਰੇ ਭਾਗੀਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਵਿਗਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰਿਸਰਚ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਈ. ਐਨ. ਈ. ਆਰ., ਏਮਜ਼ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਇਸ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਵਿਸ਼ੇ ‘ਤੇ ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਦੇ ਸਫਲ ਆਯੋਜਨ ਲਈ ਕੀਤੇ ਯਤਨਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਸ਼ੰਸਾ ਕੀਤੀ।ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਦੇ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਭਾਗੀਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਅਧਿਐਨ ਦੀ ਯੋਜਨਾ ਬਣਾਉਣ, ਅੰਕੜਾ ਵਿਗਿਆਨ ਦੇ ਮੂਲ ਸਿਧਾਂਤ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਅਤੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ਨ ਯੋਗ ਰਿਪੋਰਟਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਯੋਗ ਬਣਾਉਣਾ ਸੀ। ਇਸ ਨਾਲ ਸੈਂਪਲਿੰਗ, ਐਸ ਪੀ ਐਸ ਐਸ ਅਤੇ ਹਾਈਪੋਥੀਸਿਸ ਟੈਸਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਯੋਗਾਤਮਕ ਕੁਸ਼ਲਤਾਵਾਂ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਹੋਇਆ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ ਮੰਦਭਾਗੀ ਖ਼ਬਰ; ਕਰਜ਼ੇ ਦੀ ਮਾਰ ਹੇਠ ਆਏ ਦੋ ਸਕੇ ਕਿਸਾਨ ਭਰਾਵਾਂ ਨੇ ਕੀਤੀ ਆਤ/ਮਹੱ.ਤਿਆ

ਭਾਗੀਦਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਤੋਂ ਨਰਸਿੰਗ ਅਧਿਕਾਰੀ, ਨਰਸਿੰਗ ਪੋਸਟਗ੍ਰੈਜੂਏਟ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਅਤੇ ਨਰਸਿੰਗ ਫੈਕਲਟੀ ਸ਼ਾਮਿਲ ਸਨ। ਰਿਸੋਰਸ ਪਰਸਨ ਵਿੱਚ ਸੰਸਥਾ ਦੇ ਅੰਦਰੂਨੀ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਤੋਂ ਆਏ ਬਾਹਰੀ ਵਿਦਵਾਨ ਸ਼ਾਮਿਲ ਸਨ।ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਦਾ ਸਮਾਪਨ 22 ਮਾਰਚ 2026 ਨੂੰ ਭਾਗੀਦਾਰਾਂ ਦੀ ਸਕਾਰਾਤਮਕ ਪ੍ਰਤੀਕ੍ਰਿਆ ਨਾਲ ਹੋਇਆ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਸਨੂੰ ਬਹੁਤ ਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀਪ੍ਰਦ ਅਤੇ ਇੰਟਰਐਕਟਿਵ ਦੱਸਿਆ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ਾਂ ਦੀ ਸਫਲ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ। ਵਿਦਵਾਨ ਲੈਕਚਰਾਂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਯੋਗਾਤਮਕ ਸੈਸ਼ਨਾਂ ਦੇ ਮਿਲਾਪ ਨੇ ਭਾਗੀਦਾਰਾਂ ਦੀ ਰਿਸਰਚ ਸਮਰੱਥਾ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਪਹਿਲਾਂ ਨਰਸਿੰਗ ਰਿਸਰਚ ਅਤੇ ਸਬੂਤ-ਆਧਾਰਿਤ ਅਭਿਆਸ ਦੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ਵਿੱਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸੁਧਾਰ ਲਿਆਉਂਦੀਆਂ ਹਨ।

👉ਹੋਰ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਹੇਠ ਦਿੱਤੇ Link ਉੱਪਰ Click ਕਰੋ।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

ਨਿਊਜ਼ ਅਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਡੇ whatsapp number +91 98786-15057 ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ।

ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ‘ਚ ਗੈਸ ਤੇ ਇੰਧਨ ਸਪਲਾਈ ਦੀ ਕੀਤੀ ਸਮੀਖਿਆ

0

👉ਕਿਹਾ, ਕਮਰਸ਼ੀਅਲ ਤੇ ਘਰੇਲੂ ਗੈਸ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਸੁਚਾਰੂ, ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਘਬਰਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ
Bathinda News: ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸ੍ਰੀ ਰਾਜੇਸ਼ ਧੀਮਾਨ ਨੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਅੰਦਰ ਘਰੇਲੂ ਗੈਸ ਅਤੇ ਪੈਟਰੋਲ/ਡੀਜ਼ਲ ਸਪਲਾਈ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਦੀ ਸਮੀਖਿਆ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਸਬੰਧਤ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਲੋੜੀਂਦੇ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੂੰ ਤੇਲ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾਉਂਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਘਰੇਲੂ ਗੈਸ, ਪੈਟਰੋਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਦਾ ਸਟਾਕ ਉਪਲਬਧ ਹੈ। ਗੈਸ ਸਿਲੰਡਰਾਂ ਦੀ ਡਿਲਿਵਰੀ ਬੁਕਿੰਗ ਤੋਂ 3 ਤੋਂ 4 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ ਯਕੀਨੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪੈਟਰੋਲ ਪੰਪਾਂ ਅਤੇ ਗੈਸ ਏਜੰਸੀਆਂ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਵਾਂਗ ਸਪਲਾਈ ਜਾਰੀ ਹੈ।ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕਮਰਸ਼ੀਅਲ ਗੈਸ ਸਿਲੰਡਰ ਹਸਪਤਾਲਾਂ, ਵਿਦਿਆਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ, ਫਾਰਮਾ ਇੰਡਸਟਰੀ, ਸੀਡ ਪ੍ਰੋਸੈਸਿੰਗ ਯੂਨਿਟਾਂ, ਫਿਸ਼ਰੀਜ਼ ਅਤੇ ਏਅਰਲਾਈਨ/ਰੇਲਵੇ ਕੰਟੀਨ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਹਦਾਇਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।ਪੇਂਡੂ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਗੈਸ ਬੁਕਿੰਗ ਸਮਾਂ ਘਟਾਇਆ ਗਿਆ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  Punjab ਦੇ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੇ ਵਿਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਫੇਰਬਦਲ, ਹਰਪਾਲ ਚੀਮਾ ਬਣੇ ਟ੍ਰਾਂਸਪੋਰਟ ਮੰਤਰੀ

ਉਹਨਾਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੇ ਸੇਲਜ਼ ਅਫ਼ਸਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਪੇਂਡੂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਗੈਸ ਦੀ ਬੁਕਿੰਗ 45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਹੋ ਰਹੀ ਸੀ, ਜਿਸਨੂੰ ਹੁਣ ਘਟਾ ਕੇ 25 ਦਿਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ ਮਿਲੀ ਹੈ।ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਘਰੇਲੂ ਗੈਸ ਦੀ ਕਾਲਾਬਾਜ਼ਾਰੀ ਅਤੇ ਜਮਾਖੋਰੀ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਟੀਮਾਂ ਦਾ ਗਠਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਹ ਟੀਮਾਂ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸਥਾਨਾਂ ’ਤੇ ਚੈਕਿੰਗ ਕਰ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਗਤੀਵਿਧੀ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕੇ।ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸ੍ਰੀ ਰਾਜੇਸ਼ ਧੀਮਾਨ ਨੇ ਸਮੂਹ ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਗੈਸ ਅਤੇ ਇੰਧਨ ਦਾ ਪ੍ਰਚੁਰ ਸਟਾਕ ਮੌਜੂਦ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਘਬਰਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗੈਸ ਦੀ ਬੁਕਿੰਗ 25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਡਿਲਿਵਰੀ ਕੋਡ ਰਾਹੀਂ ਹੀ ਸਿਲੰਡਰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ।ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖੁਰਾਕ, ਸਿਵਲ ਸਪਲਾਈਜ਼ ਅਤੇ ਖਪਤਕਾਰ ਮਾਮਲੇ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਗੈਸ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦਰਜ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਕੰਟਰੋਲ ਰੂਮ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ‘ਖੇਡ ਕ੍ਰਾਂਤੀ’ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਕੌਮਾਂਤਰੀ ਖੇਡ ਨਕਸ਼ੇ ’ਤੇ ਉਭਾਰਿਆ, ਹਾਕੀ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਨਾਲ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਾਕੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰੇਗਾ ਪੰਜਾਬ

ਖਪਤਕਾਰ 0164-2921552 ਨੰਬਰ ’ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਪੁਰਜ਼ੋਰ ਅਪੀਲ ਕਰਦਿਆ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਦੀ ਈ-ਕੇਵਾਈਸੀ ਨਹੀਂ ਹੋਈ, ਉਹ ਆਪਣੀ ਸੰਬੰਧਿਤ ਗੈਸ ਏਜੰਸੀ ’ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਜਾਂ ਆਨਲਾਈਨ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਰਾਹੀਂ ਆਪਣੀ ਈ-ਕੇਵਾਈਸੀ ਜਲਦ ਤੋਂ ਜਲਦ ਪੂਰੀ ਕਰਵਾਉਣ।ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਸ੍ਰੀ ਹਰਸ਼ਿਤ ਮਹਿਤਾ (ਖੁਰਾਕ ਸਪਲਾਈ ਅਫ਼ਸਰ), ਸ੍ਰੀ ਸੰਚਿਤ ਸ਼ਰਮਾ (ਸੇਲਜ਼ ਅਫ਼ਸਰ, ਆਈ.ਓ.ਸੀ.ਐਲ.), ਸ੍ਰੀ ਆਯੂਸ ਚੌਹਾਨ (ਸੇਲਜ਼ ਅਫ਼ਸਰ, ਐਚ.ਪੀ.ਸੀ.ਐਲ.), ਸ੍ਰੀ ਅਮਰੀਕ ਟਿਵਾਣਾ (ਸਕਿਉਰਿਟੀ ਇੰਚਾਰਜ਼, ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ ਦਫ਼ਤਰ), ਡਾ. ਅਨੁਪਮਾ ਸ਼ਰਮਾ (ਅਸਿਸਟੈਂਟ ਸਿਵਲ ਸਰਜਨ) ਅਤੇ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਸ਼ੀਨੂੰ ਗਰਗ (ਨਿਰੀਖਕ) ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

👉ਹੋਰ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਹੇਠ ਦਿੱਤੇ Link ਉੱਪਰ Click ਕਰੋ।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

ਨਿਊਜ਼ ਅਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਡੇ whatsapp number +91 98786-15057 ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ।

MLA Sukhveer Maiser Khana ਨੇ Arvind Kejriwal ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਮੁਲਾਕਾਤ

0

Maur Mandi News: ਜਿਲ੍ਹਾ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਹਲਕਾ ਮੋੜ ਮੰਡੀ ਤੋਂ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਸੁਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਮਾਈਸਰਖਾਨਾ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਕੌਮੀ ਕਨਵੀਨਰ ਸ੍ਰੀ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੁਹਿਰਦ ਭਵਿੱਖ ਬਾਰੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸਾਰਥਕ ਅਤੇ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਮੁਲਾਕਾਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਿਧਾਇਕ ਮਾਈਸਰਖ਼ਾਨਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ,‘‘​ਸ਼੍ਰੀ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਦੀ ਦੂਰਅੰਦੇਸ਼ੀ ਸੋਚ ਅਤੇ ਲੋਕ-ਪੱਖੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਹਮੇਸ਼ਾ ਹੀ ਸਾਨੂੰ ਨਵੀਂ ਊਰਜਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਆਉਣ ਵਾਲਾ ਸਮਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ ‘ਤੇ ਖ਼ਰਾ ਉਤਰਨ ਅਤੇ ਨਵੇਂ ਬਦਲਾਅ ਦਾ ਹੋਵੇਗਾ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਪਿਛਲੇ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਦੌਰਾਨ ਲੋਕ ਭਲਾਈ ਦੇ ਕੰਮ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ਤੇ ਮੁੜ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕ ਸ਼੍ਰੀ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜ਼ਰੀਵਾਲ ਤੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਮੌਕਾ ਦੇਣ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।

👉ਹੋਰ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਹੇਠ ਦਿੱਤੇ Link ਉੱਪਰ Click ਕਰੋ।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

ਨਿਊਜ਼ ਅਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਡੇ whatsapp number +91 98786-15057 ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ।

Dr. Baljit Kaur ਵੱਲੋਂ ਮਲੋਟ ਵਿੱਚ ₹16.25 ਕਰੋੜ ਦਾ ਵਾਟਰ ਸਪਲਾਈ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਸ਼ੁਰੂ

0

👉ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਨਾਲ ਮਲੋਟ ਦੀ 1 ਲੱਖ ਆਬਾਦੀ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ
Malout News:ਮਲੋਟ ਹਲਕੇ ਦੀ ਵਿਧਾਇਕ ਅਤੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਡਾ. ਬਲਜੀਤ ਕੌਰ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਸਦਕਾ ਮਲੋਟ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਸਾਫ਼ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਵੱਲ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਕਦਮ ਚੁੱਕਿਆ ਗਿਆ ਹੈ।ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਡਾ. ਬਲਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਅਮਰੂਤ 2 ਸਕੀਮ ਅਧੀਨ ₹16.25 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਮਲੋਟ ਸ਼ਹਿਰ ਲਈ ਵਾਟਰ ਸਪਲਾਈ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਦੀ ਅੱਜ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਲਗਭਗ ਇੱਕ ਲੱਖ ਆਬਾਦੀ ਨੂੰ ਸਿੱਧਾ ਲਾਭ ਮਿਲੇਗਾ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਤਹਿਤ ਸਰਹਿੰਦ ਫੀਡਰ ‘ਤੇ ਨਵੀਂ ਪੰਪਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਗਾਈ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਪੁਰਾਣੀ ਤੇ ਲੀਕੇਜ ਕਾਰਨ ਖਰਾਬ ਹੋ ਚੁੱਕੀ 8300 ਮੀਟਰ ਪਾਇਪ ਲਾਈਨ ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਨਵੀਂ ਲਾਈਨ ਵਿਛਾਈ ਜਾਵੇਗੀ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  Aman Arora ਵੱਲੋਂ ਡੀ.ਏ.ਵੀ. ਕਾਲਜ ਵਿਖੇ 3-ਰੋਜ਼ਾ “ਕਾਰਵਾਂ 2026” ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ

ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਹਰ ਨੁੱਕਰ ਤੱਕ ਪਾਣੀ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਕਰੀਬ 20 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਨਵੀਂ ਪਾਇਪ ਲਾਈਨ ਵੀ ਵਿਛਾਈ ਜਾਵੇਗੀ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਹੋਰ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਲਗਭਗ 3000 ਘਰਾਂ ਨੂੰ ਨਵੇਂ ਹਾਊਸ ਕਨੈਕਸ਼ਨ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਏ ਜਾਣਗੇ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਪੀਣ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਮਿਲੇਗਾ।ਡਾ. ਬਲਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਇੱਕ ਸਾਲ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਦਾ ਟੀਚਾ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਮਲੋਟ ਦੇ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ ਮਿਲੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ. ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸਹੂਲਤਾਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ।

👉ਹੋਰ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਹੇਠ ਦਿੱਤੇ Link ਉੱਪਰ Click ਕਰੋ।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

ਨਿਊਜ਼ ਅਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਡੇ whatsapp number +91 98786-15057 ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ।

Aman Arora ਵੱਲੋਂ ਡੀ.ਏ.ਵੀ. ਕਾਲਜ ਵਿਖੇ 3-ਰੋਜ਼ਾ “ਕਾਰਵਾਂ 2026” ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ

0

👉ਅਮਨ ਅਰੋੜਾ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਭੇਟ, ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਇਨਕਲਾਬੀ ਯੋਧੇ ਦੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਅਪਣਾਉਣ ਲਈ ਕੀਤਾ ਪ੍ਰੇਰਿਤ
Chandigarh News:ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਉਤਪਤੀ, ਹੁਨਰ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸਿਖਲਾਈ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ (ਆਪ) ਦੇ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ੍ਰੀ ਅਮਨ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਇਥੇ ਡੀ.ਏ.ਵੀ. ਕਾਲਜ, ਸੈਕਟਰ-10 ਵਿਖੇ ਤਿੰਨ ਰੋਜ਼ਾ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਸਮਾਗਮ “ਕਾਰਵਾਂ 2026” ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੀ ਉਦਘਾਟਨੀ ਦਿਨ ਸੰਸਥਾ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਭੇਟ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਮੁੱਚਾ ਮਾਹੌਲ ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ਦੇ ਰੰਗ ਵਿੱਚ ਰੰਗਿਆ ਗਿਆ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਇਕੱਠ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਸ੍ਰੀ ਅਮਨ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਮਹੱਤਤਾ ਅਤੇ ਰਾਸ਼ਟਰਵਾਦੀ ਕਦਰਾਂ-ਕੀਮਤਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਲਈ ਸੰਸਥਾ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਅੱਜ ਦੇ ਸੰਦਰਭ ਵਿੱਚ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਦੀ ਸਾਰਥਕਤਾ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਜ਼ਬਰ ਵਿਰੁੱਧ ਇਸ ਇਨਕਲਾਬੀ ਯੋਧੇ ਦੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਅਪਣਾਉਣ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਆ ਅਤੇ ਪਾਠ ਪੁਸਤਕਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਹੋਰ ਗਿਆਨ ਹਾਸਲ ਕਰਨ ਲਈ ਵੀ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕੀਤਾ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ‘ਖੇਡ ਕ੍ਰਾਂਤੀ’ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਕੌਮਾਂਤਰੀ ਖੇਡ ਨਕਸ਼ੇ ’ਤੇ ਉਭਾਰਿਆ, ਹਾਕੀ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਨਾਲ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਾਕੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰੇਗਾ ਪੰਜਾਬ

ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਪਵਿੱਤਰ ਦਿਹਾੜੇ ਅਸੀਂ ਸਿਰਫ਼ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੂੰ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸੰਕਲਪਾਂ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਬਸਤੀਵਾਦੀ ਸ਼ਾਸਨ ਤੋਂ ਆਜ਼ਾਦੀ ਲਈ ਲੜਾਈ ਲੜੀ ਅਤੇ ਸੋਸ਼ਣ, ਭੁੱਖਮਰੀ ਅਤੇ ਅਸਮਾਨਤਾ ਤੋਂ ਮੁਕਤ ਸਮਾਜ ਦਾ ਸੁਪਨਾ ਸਿਰਜਿਆ। ‘ਕਾਰਵਾਂ 2026’ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਡੀਏਵੀ ਕਾਲਜ ਅਜਿਹੇ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਸਹੀ-ਗਲਤ ਦੀ ਪਛਾਣ ਕਰਨ ਦੇ ਗੁਣ ਹੋਣ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ‘ਕਾਰਵਾਂ’ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਕਿਹਾ, ਤਾਂ ਜੋ ‘ਰੰਗਲਾ ਪੰਜਾਬ’ ਅਤੇ ਇੱਕ ਮਜ਼ਬੂਤ ਭਾਰਤ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ, ਜਿਸ ਦਾ ਸਾਡੇ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੇ ਸੁਪਨਾ ਦੇਖਿਆ ਸੀ।ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਭਾਣਜੀ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਗੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਢੱਟ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਨੇ ਇਸ ਸਮਾਰੋਹ ਦੇ ਮਾਣ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵਧਾ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਆਪਣੇ ਮਾਮੇ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਕੁਰਬਾਨੀਆਂ ਅਤੇ ਸਥਾਈ ਆਦਰਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਿਆਂ ਇੱਕ ਭਾਵਨਾਤਮਕ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਦਿੱਤੀ, ਜਿਸ ਨੇ ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕੀਤਾ।ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਡਾ. ਮੋਨਾ ਨਾਰੰਗ ਨੇ ਮਹਿਮਾਨਾਂ ਦਾ ਨਿੱਘਾ ਸਵਾਗਤ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਇੱਕ ਅਜਿਹੀ ਸ਼ਾਮ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਇਤਿਹਾਸ ਦੀ ਸੰਜੀਦਗੀ ਦਾ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਊਰਜਾ ਨਾਲ ਬਿਹਤਰ ਸੰਤੁਲਿਤ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਿਆ।

ਇਹ ਵੀ ਪੜ੍ਹੋ  ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮੁੰਡੀਆਂ ਨੇ 14 ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਤਰਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਨਿਯੁਕਤੀ ਪੱਤਰ ਸੌਂਪੇ

ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨਾਂ ਦੌਰਾਨ ਸਪਤਕ ਦੇ ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ਗੀਤਾਂ ਦੇ ਸੁਮੇਲ ਨਾਲ ਦੇਸ਼ ਦੀਆਂ ਮੂਲ ਕਦਰਾਂ-ਕੀਮਤਾਂ ਦੀ ਝਲਕ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲੀ। ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਅਤੇ ਕਰਸ਼ੁਭਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ “ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਵਾਰ” ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪੇਸ਼ਕਾਰੀ ਨੇ ਇਨਕਲਾਬੀ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਨੂੰ ਜੀਵਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਦਿਲ ਖਿੱਚਵਾਂ ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ਨਾਚ-ਨਾਟਕ, ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਅਤੇ ਗੁਰਕਮਲ ਸਿੰਘ ਦੁਆਰਾ ਦਿਲ ਖਿੱਚਵੀਂ ਕਵਿਤਾ ਅਤੇ ਗਾਇਕ ਮੰਨਾ ਮੰਡ ਦੇ ਜੋਸ਼ੀਲੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਨੇ ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਕੀਲ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਗਵਰਨਿੰਗ ਬਾਡੀ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਆਰ. ਸੀ. ਜੀਵਨ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ। ਇਸ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦਾ ਸੰਚਾਲਨ ਡਾ. ਸੁਮਿਤਾ ਬਖਸ਼ੀ (ਡੀ.ਐਸ.ਡਬਲਯੂ), ਡਾ. ਪੂਰਨਿਮਾ ਸਹਿਗਲ (ਵਧੀਕ ਡੀ.ਐਸ.ਡਬਲਯੂ) ਅਤੇ ਡਾ. ਮਨਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਆਨੰਦ (ਡਿਪਟੀ ਡੀ.ਐਸ.ਡਬਲਯੂ) ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ।

👉ਹੋਰ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਹੇਠ ਦਿੱਤੇ Link ਉੱਪਰ Click ਕਰੋ।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

ਨਿਊਜ਼ ਅਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਡੇ whatsapp number +91 98786-15057 ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ।

ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ‘ਖੇਡ ਕ੍ਰਾਂਤੀ’ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਕੌਮਾਂਤਰੀ ਖੇਡ ਨਕਸ਼ੇ ’ਤੇ ਉਭਾਰਿਆ, ਹਾਕੀ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਨਾਲ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਾਕੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰੇਗਾ ਪੰਜਾਬ

0
👉40 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਨੈਸ਼ਨਲ ਬੈਡਮਿੰਟਨ ਚੈਂਪੀਅਨਸ਼ਿਪ ਅੰਡਰ-13 ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਵੀ ਮਿਲੀ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
👉ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਮਿਲਣ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਧੁਰੇ ਵਜੋਂ ਉਭਰਨ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਮਿਲੇਗੀ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
👉ਹਾਕੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਕਦੇ ਵੀ ਕਿਸੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਨਹੀਂ ਮਿਲੀ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
👉ਖੇਡਾਂ ਲਈ 1791 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਬਜਟ ਰੱਖਣ ਵਾਲਾ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਇਕਲੌਤਾ ਸੂਬਾ ਬਣਿਆ ਪੰਜਾਬ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
👉‘ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ’ ਤਹਿਤ 3100 ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ, 3000 ਜਿੰਮ ਅਤੇ 17 ਹਜ਼ਾਰ ਖੇਡ ਕਿੱਟਾਂ ਵੰਡੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
Chandigarh News: ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਜ ‘ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਚਾਰ ਸਾਲ, ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੇ ਨਾਲ’ ਦੇ ਤਹਿਤ ਅੱਜ ਖੇਡ ਵਿਭਾਗ ਦਾ ਰਿਪੋਰਟ ਕਾਰਡ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਖੇਡ ਕ੍ਰਾਂਤੀ ਨਾਲ ਖੇਡ ਖੇਤਰ ਦੀ ਨੁਹਾਰ ਬਦਲਣ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਵਿੱਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ।
ਸਿੰਚਾਈ ਵਿਭਾਗ, ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਅਮਨ-ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਬਾਰੇ ਰਿਪੋਰਟ ਕਾਰਡ ਪੇਸ਼ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ ਵੱਡੇ ਸੁਧਾਰਾਂ ਦੀ ਅਗਲੀ ਯੋਜਨਾ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਖੇਡ ਬਜਟ 350 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਤੋਂ ਵਧਾ ਕੇ 1791 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਕੀਤਾ, ਕੋਚਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ 500 ਤੋਂ ਵਧਾ ਕੇ 2458 ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਓਲੰਪਿਕ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਲਈ 15 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਏਸ਼ੀਆਈ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਐਥਲੀਟਾਂ ਲਈ 8 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਸ਼ਾਮਲ ਹੈ।
ਇਸ ਦਾ ਵੇਰਵਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ 3100 ਖੇਡ ਮੈਦਾਨਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ, 3000 ਜਿੰਮ, 17000 ਖੇਡ ਕਿੱਟਾਂ ਦੀ ਵੰਡ ਅਤੇ “ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ” ਦੇ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਿਸਥਾਰ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕੀਤਾ। ‘ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ’ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਡੇਢ ਲੱਖ ਤੋਂ ਵਧ ਕੇ ਪੰਜ ਲੱਖ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਉਪਰਾਲਿਆਂ ਸਦਕਾ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਇਤਿਹਾਸ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਹਾਕੀ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ 40 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਬੈਡਮਿੰਟਨ ਚੈਂਪੀਅਨਸ਼ਿਪ ਅੰਡਰ-13 ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਸੂਬਾ, ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਖੇਡ ਧੁਰੇ ਵਜੋਂ ਉਭਰਿਆ ਹੈ।ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਏਸ਼ੀਅਨ ਖੇਡਾਂ 3-4 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਸਮਾਪਤ ਹੋਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਚੋਟੀ ਦੀਆਂ ਛੇ ਹਾਕੀ ਟੀਮਾਂ ਇਨ੍ਹਾਂ ਏਸ਼ੀਆਈ ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ ਹਿੱਸਾ ਲੈਣਗੀਆਂ। ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਇਹ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਕਰਵਾਉਣ ਦਾ ਮੌਕਾ ਮਿਲਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਕਦਮ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸੂਬੇ ਲਈ ਚਾਰ ਦੇਸ਼ੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਹੋਰ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਨੂੰ ਪ੍ਰਵਾਨਗੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ ਜੋ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਹਾਕੀ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਵੇਗਾ।”
ਇਸ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੀ ਅਹਿਮੀਅਤ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਹਾਕੀ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀ ਸਰਦਾਰੀ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਹੁਣ ਤੱਕ ਕਦੇ ਵੀ ਕਿਸੇ ਵੱਡੇ ਹਾਕੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ। ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ, ਪੰਜਾਬ ਅਕਤੂਬਰ ਵਿੱਚ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰੇਗਾ ਅਤੇ ਇਹ ਏਸ਼ੀਆ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਕਾਰੀ ਹਾਕੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਹਾਕੀ ਮੈਚ ਮੋਹਾਲੀ ਦੇ ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸੀਨੀਅਰ ਹਾਕੀ ਸਟੇਡੀਅਮ ਅਤੇ ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਸੁਰਜੀਤ ਹਾਕੀ ਸਟੇਡੀਅਮ ਜਲੰਧਰ ਵਿਖੇ ਹੋਣਗੇ।”ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਬੈਡਮਿੰਟਨ ਚੈਂਪੀਅਨਸ਼ਿਪ ਦੀ ਵਾਪਸੀ ਦਾ ਐਲਾਨ ਵੀ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ, “40 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਜਲੰਧਰ ਵਿਖੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਬੈਡਮਿੰਟਨ ਚੈਂਪੀਅਨਸ਼ਿਪ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਮਿਲੀ ਹੈ। ਇਹ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਅੰਡਰ-13 ਵਰਗ ਲਈ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਏਗਾ ਕਿ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਸਮੁੱਚੇ ਵਿਕਾਸ ਤੇ ਖੇਡਾਂ ਲਈ ਹੁਲਾਰਾ ਮਿਲੇ।” ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਨੂੰ ਦੁਹਰਾਉਂਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਬੇਅੰਤ ਊਰਜਾ ਨੂੰ ਸਕਾਰਾਤਮਕ ਦਿਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਲਾਉਣ ਲਈ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ।”ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਮਹਾਨ ਖੇਡ ਵਿਰਾਸਤ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਕਈ ਮਹਾਨ ਖਿਡਾਰੀ ਪੈਦਾ ਕੀਤੇ ਹਨ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਦਾ ਸਦੀਆਂ ਤੋਂ ਖੇਡਾਂ ਨਾਲ ਗਹਿਰਾ ਨਾਤਾ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਸਾਡੇ ਮਹਾਨ ਸਿੱਖ ਗੁਰੂਆਂ ਨੇ ਖੇਡਾਂ ਰਾਹੀਂ ਨਾ ਸਿਰਫ਼ ਅਧਿਆਤਮਿਕਤਾ ਸਗੋਂ ਸਰੀਰਕ ਤੰਦਰੁਸਤੀ ਨੂੰ ਵੀ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕੀਤਾ। ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਜੀ ਨੇ ਖਡੂਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਸਰੀਰਕ ਤੰਦਰੁਸਤੀ ਲਈ ਮੱਲ ਅਖਾੜਾ ਕਾਇਮ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਆਪਣੀ ਦੇਖ-ਰੇਖ ਹੇਠ ਕਸਰਤ ਤੇ ਕੁਸ਼ਤੀਆਂ ਕਰਵਾਉਂਦੇ ਸਨ। ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਨੇ ਵੀ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਘੋੜ ਸਵਾਰੀ ਤੇ ਤੀਰ ਅੰਦਾਜ਼ੀ ਵਿਚ ਮਾਹਿਰ ਕੀਤਾ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਉਸ ਵੇਲੇ ਦੀਆਂ ਹਰੇਕ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਅਤੇ ਯੁੱਧ-ਕਲਾਵਾਂ ਵਿਚ ਨਿਪੁੰਨ ਸਨ। ਅੱਜ ਵੀ ਖਾਲਸੇ ਦੀ ਜਨਮ ਭੂਮੀ ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਚ ਹਰੇਕ ਸਾਲ ਹੋਲੇ-ਮਹੱਲੇ ਮੌਕੇ ਰਵਾਇਤੀ ਖੇਡਾਂ ਦਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।”
ਆਧੁਨਿਕ ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਯੋਗਦਾਨ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਭਾਰਤੀ ਹਾਕੀ ਟੀਮ ਦੇ ਕਪਤਾਨ ਹਰਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ, ਭਾਰਤ ਦੀ ਆਸਟ੍ਰੇਲੀਆ ਟੂਰ ਟੀਮ ਦੇ ਕਪਤਾਨ ਹਾਰਦਿਕ ਸਿੰਘ, ਭਾਰਤੀ ਪੁਰਸ਼ ਕ੍ਰਿਕਟ ਟੀਮ ਦੇ ਕਪਤਾਨ ਸ਼ੁਭਮਨ ਗਿੱਲ, ਭਾਰਤੀ ਮਹਿਲਾ ਕ੍ਰਿਕਟ ਟੀਮ ਦੇ ਕਪਤਾਨ ਹਰਮਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ, ਭਾਰਤੀ ਬਾਸਕਟਬਾਲ ਟੀਮ ਦੇ ਕਪਤਾਨ ਪਲਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ, ਭਾਰਤੀ ਫੁੱਟਬਾਲ ਟੀਮ ਦੇ ਕਪਤਾਨ ਰਹੇ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ ਅਤੇ ਹਾਲ ਹੀ ਵਿੱਚ ਟੀ-20 ਵਿਸ਼ਵ ਕੱਪ ਜਿੱਤਣ ਵਾਲੇ ਅਭਿਸ਼ੇਕ ਸ਼ਰਮਾ ਅਤੇ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸਾਰੇ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਸਾਰੇ ਖਿਡਾਰੀ ਸੂਬੇ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਲਈ ਨਾਮਣਾ ਖੱਟ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ।”ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਭਾਰਤੀ ਮਹਿਲਾ ਕ੍ਰਿਕਟ ਟੀਮ ਨੇ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਹਰਮਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਿੱਚ ਇਕ ਰੋਜ਼ਾ ਵਿਸ਼ਵ ਕੱਪ ਜਿੱਤਿਆ ਸੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਅਮਨਜੋਤ ਕੌਰ ਅਤੇ ਹਰਲੀਨ ਦਿਓਲ ਵਰਗੀਆਂ ਖਿਡਾਰਨਾਂ ਸਨ।”ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਹਾਕੀ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਇਕੋ ਸਿੱਕੇ ਦੋ ਪਾਸੇ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਭਾਰਤੀ ਹਾਕੀ ਦੀ ਕਲਪਨਾ ਕਰਨਾ ਅਸੰਭਵ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “50 ਤੋਂ ਵੱਧ ਪੰਜਾਬੀ ਹਾਕੀ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੇ ਓਲੰਪਿਕ ਤਗਮੇ ਜਿੱਤੇ ਹਨ ਅਤੇ 10 ਪੰਜਾਬੀ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੇ ਓਲੰਪਿਕ ਹਾਕੀ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤ ਦੀ ਕਪਤਾਨੀ ਕੀਤੀ ਹੈ।”
ਇਤਿਹਾਸਕ ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ ਦਾ ਹਵਾਲਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸੀਨੀਅਰ ਅਤੇ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਨੇ ਤਿੰਨ-ਤਿੰਨ ਓਲੰਪਿਕ ਸੋਨ ਤਗਮੇ ਜਿੱਤੇ ਅਤੇ ਅਜੀਤ ਪਾਲ ਸਿੰਘ ਇਕਲੌਤਾ ਖਿਡਾਰੀ ਹੈ ਜਿਸ ਦੀ ਕਪਤਾਨੀ ਵਿੱਚ 1975 ਵਿੱਚ ਭਾਰਤ ਨੇ ਹਾਕੀ ਵਿਸ਼ਵ ਕੱਪ ਜਿੱਤਿਆ।”
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਪ੍ਰਿਥੀਪਾਲ ਸਿੰਘ, ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਹਰਚਰਨ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਸੁਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸੋਢੀ ਵਰਗੇ ਮਹਾਨ ਖਿਡਾਰੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੰਸਾਰਪੁਰ, ਖੁਸਰੋਪੁਰ ਅਤੇ ਮਿੱਠਾਪੁਰ ਵਰਗੇ ਪਿੰਡਾਂ ਨੇ 20 ਤੋਂ ਵੱਧ ਓਲੰਪੀਅਨ ਪੈਦਾ ਕੀਤੇ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਟੋਕੀਓ ਓਲੰਪਿਕ 2021 ਵਿੱਚ ਭਾਰਤ ਨੇ 41 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਕਾਂਸੀ ਦਾ ਤਗਮਾ ਜਿੱਤਿਆ, ਜਿਸ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਸਮੇਤ 9 ਪੰਜਾਬੀ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ।”ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ,“ਪੈਰਿਸ ਓਲੰਪਿਕ-2024 ਵਿੱਚ 10 ਪੰਜਾਬੀ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਵਾਲੀ ਭਾਰਤੀ ਹਾਕੀ ਟੀਮ ਨੇ ਫਿਰ ਕਾਂਸੀ ਦਾ ਤਗਮਾ ਜਿੱਤਿਆ ਸੀ, ਉਦੋਂ ਹਰਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਕਪਤਾਨ ਸੀ ਅਤੇ ਟਾਪ ਸਕੋਰਰ ਵੀ ।”ਆਗਾਮੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ,“ਭਾਰਤ, ਪਾਕਿਸਤਾਨ, ਦੱਖਣੀ ਕੋਰੀਆ, ਜਾਪਾਨ, ਮਲੇਸ਼ੀਆ ਅਤੇ ਚੀਨ ਦੀਆਂ ਟੀਮਾਂ ਇਸ ਮੈਗਾ ਈਵੈਂਟ ਵਿੱਚ ਹਿੱਸਾ ਲੈਣਗੀਆਂ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ,“ਮੈਚਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪੰਜਾਬੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਵਜੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਭੰਗੜੇ ਅਤੇ ਗਿੱਧੇ ਦੀ ਪੇਸ਼ਕਾਰੀ ਹੋਵੇਗੀ, ਜੋ ਨਾ ਕੇਵਲ ਦਿਲ ਟੁੰਬੇਗੀ ਸਗੋਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਹਾਕੀ ਵੱਲ ਵੀ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰੇਗੀ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਸਾਲ 2023 ਵਿੱਚ ਨਵੀਂ ਖੇਡ ਨੀਤੀ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ, ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਓਲੰਪਿਕ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਲਈ 15 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਏਸ਼ੀਆਈ ਖੇਡਾਂ ਲਈ 8 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਹੈ।”ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “2023 ਦੀਆਂ ਏਸ਼ੀਆਈ ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ, ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਐਥਲੀਟਾਂ ਨੇ 20 ਤਗਮੇ ਜਿੱਤੇ, ਜੋ ਕਿ ਇੱਕ ਇਤਿਹਾਸਕ ਰਿਕਾਰਡ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਓਲੰਪਿਕ ਦੇ ਕਾਂਸੀ ਤਮਗਾ ਜੇਤੂਆਂ (ਪੈਰਿਸ 2024) ਨੂੰ ਇਕ-ਇਕ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਅਤੇ ਏਸ਼ੀਆਈ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਸੋਨ ਤਮਗਾ ਜੇਤੂਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਇਕ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਕੇ ਹੌਸਲਾ-ਅਫ਼ਜ਼ਾਈ ਕੀਤੀ ਗਈ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, “9 ਓਲੰਪਿਕ ਤਮਗਾ ਜੇਤੂਆਂ ਨੂੰ ਪੀ.ਸੀ.ਐਸ. ਅਤੇ ਡੀ.ਐਸ.ਪੀ.  ਦੀਆਂ ਨੌਕਰੀਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਅਤੇ ਪਿਛਲੇ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਦੌਰਾਨ ਲਗਭਗ 100 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਇਨਾਮੀ ਰਾਸ਼ੀ ਵੰਡੀ ਗਈ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਬਜਟ ਵਿੱਚ 2026-27 ਵਿੱਚ 1791 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਇਤਿਹਾਸਕ ਵਾਧਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ , ਜੋ ਕਿ 2023-24 ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 350 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸੀ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਕੋਚਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ 500 ਤੋਂ ਵਧਾ ਕੇ 2458 ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ 324 ਨਵੇਂ ਕੋਚ ਭਰਤੀ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ 48 ਹੋਣਹਾਰ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਬਤੌਰ ਕੋਚ ਨਿਯੁਕਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।’’ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਹੋਰ ਪ੍ਰਫੁੱਲਿਤ ਕਰਨ ਬਾਰੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ, ਬਲਾਕ, ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਅਤੇ ਰਾਜ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕਰਵਾਈਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ,“ਇਨ੍ਹਾਂ ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ 14 ਤੋਂ 60 ਸਾਲ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਵਾਲੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੇ ਭਾਗ ਲਿਆ ਅਤੇ ਸਾਲ 2023-24 ਵਿੱਚ ਲਗਭਗ 3.5 ਲੱਖ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੇ ਹਿੱਸਾ ਲਿਆ, ਇਹ ਗਿਣਤੀ 2024-25 ਵਿੱਚ ਵੱਧ ਕੇ 5 ਲੱਖ ਤੱਕ ਜਾ ਪਹੁੰਚੀ ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “10,000 ਤਗਮਾ ਜੇਤੂਆਂ ਨੂੰ ਸਾਲਾਨਾ 10 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਇਨਾਮੀ ਰਾਸ਼ੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਤਿੰਨ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ 97.3 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ।”ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ,“ਖੇਡਾਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਸਭ ਤੋਂ ਅਸਰਦਾਰ ਤੇ ਕਾਰਗ਼ਰ ਹਥਿਆਰ ਹਨ, ਇਸੇ ਕਰਕੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ।”ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਸਦਕਾ 14 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਸਾਲ 2025 ਵਿੱਚ ਕਿਲਾ ਰਾਏਪੁਰ ਖੇਡ ਮੇਲੇ ਨੂੰ ਕਾਨੂੰਨ ਲਿਆ ਕੇ ਮੁੜ ਸੁਰਜੀਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਅਰਸੇ ਬਾਅਦ ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ਹੋਈਆਂ ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ ਮਿੰਨੀ ਓਲੰਪਿਕ ਵਜੋਂ ਜਾਣੇ ਜਾਂਦੇ ਇਸ ਪੇਂਡੂ ਖੇਡ ਮੇਲੇ  ਦੀ ਪੁਨਰ ਸੁਰਜੀਤੀ ਵੱਲ ਪਹਿਲਾਂ ਕਿਸੇ ਨੇ ਵੀ ਇੱਛਾ ਨਹੀਂ ਸੀ ਦਿਖਾਈ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਆਪ ਸਰਕਾਰ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ’ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ 1350 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ 3100 ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ ਵਿਕਸਤ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “101.8 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ 3000 ਜਿੰਮ ਅਤਿ- ਆਧੁਨਿਕ ਉਪਕਰਣਾਂ ਨਾਲ ਲੈਸ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ 50 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀਆਂ 17000 ਖੇਡ ਕਿੱਟਾਂ ਵੰਡੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ।”
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਐਥਲੀਟਾਂ ਨੂੰ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਸਿਖਲਾਈ ਪ੍ਰਾਪਤ ਐਥਲੀਟਾਂ ਦੇ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਖੁਰਾਕ ਭੱਤੇ ਨੂੰ 240 ਰੁਪਏ ਤੋਂ ਵਧਾ ਕੇ 480 ਰੁਪਏ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ 13 ਸੈਂਟਰ ਆਫ਼ ਐਕਸੀਲੈਂਸ ਵਿੱਚ ਪੋਸ਼ਣ-ਅਧਾਰਤ ਮੀਨੂ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ।”ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਬਾਰੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਮੋਹਾਲੀ, ਬਠਿੰਡਾ ਅਤੇ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਹਾਕੀ ਐਸਟਰੋਟਰਫ ਨੂੰ ਬਦਲ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਨਵਾਂ ਸਿੰਥੈਟਿਕ ਟਰੈਕ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਉਪਰ 9 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਖਰਚੇ ਗਏ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਸਪੋਰਟਸ ਮੈਡੀਸਨ ਕਾਡਰ ਵਿੱਚ 113 ਅਸਾਮੀਆਂ ਸਿਰਜੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ 92 ਭਰੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ, ਪਟਿਆਲਾ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਅਤੇ ਬਠਿੰਡਾ ਸਮੇਤ ਵੱਡੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਡਾਕਟਰ ਅਤੇ ਫਿਜ਼ੀਓਥੈਰੇਪਿਸਟ ਤਾਇਨਾਤ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ।’’

 

👉ਹੋਰ ਤਾਜ਼ੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਹੇਠ ਦਿੱਤੇ Link ਉੱਪਰ Click ਕਰੋ।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

ਨਿਊਜ਼ ਅਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਡੇ whatsapp number +91 98786-15057 ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ।

Our Visitor

1893381