Haryana में अनाज भंडारण के लिए 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनाए जाएंगे: मुख्यमंत्री

Date:

spot_img

👉 मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के तहत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अगले 5 साल के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में दिए विस्तृत दिशा-निर्देश

Haryana News : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान द्वारा मेहनत से उगाए गए अनाज को खराब होने से बचाने के लिए हरियाणा में अनाज भंडारण की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इसके अंतर्गत हरियाणा में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनाए जाएंगे जिसके लिए अधिकारी पूरी तैयारी करके लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में जुट जाएं।मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अगले 5 साल के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन ने बताया कि अनाज का खुले में भंडारण अथवा उचित भंडारण के अभाव के कारण प्रदेश में अनाज का 4 से 5 प्रतिशत तक नुकसान हो जाता है। इस नुकसान से बचने के लिए कवर्ड स्टोरेज की व्यवस्था करनी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस समय प्रदेश में गेहूं का 115 लाख मीट्रिक टन, चावल का 71 लाख एमटी, फल व सब्जियों का 110 लाख एमटी तथा दूध व अन्य डेयरी उत्पादों का 115 लाख एमटी उत्पादन होता है। राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा में हरियाणा का योगदान लगभग 25 प्रतिशत है। इस समय हरियाणा में 66 लाख मीट्रिक टन अनाज भंडारण की क्षमता है जिसे 130 लाख एमटी तक बढ़ाने की आवश्यकता है।इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्यान्न के नुकसान पर रोक लगाने के लिए कवर्ड स्टोरेज के निर्माण, कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों का उचित इस्तेमाल करने की कार्ययोजना बनाई जाए।

इसे भी पढ़ें 👉  प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत विजन को साकार करने में जुटें अधिकारी: मनोहर लाल

सभी संबंधित विभागों के आपसी समन्वय के साथ पीपीपी मोड में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाए ताकि अनाज को खराब होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनाज, बागवानी फसलों, सब्जियों तथा फलों के उचित भंडारण के लिए अगले 5 साल के भीतर एक ऐसी कार्ययोजना को मूर्त रूप दिया जाएगा जिससे उत्पादित खाद्यान्न का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बने गोदामों को ऊर्जा उत्पादन का भी माध्यम बनाया जाए। सभी गोदामों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर इन्हें ग्रिड से जोड़ा जाए ताकि बिजली का उत्पादन बढ़ाया जा सके। इसी प्रकार मंडियों व गोदामों में मजदूर की पीठ पर बोरी लादने की बजाय इस कार्य के लिए कन्वेयर बैल्ट अथवा अन्य तकनीकी व्यवस्था के लिए पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएं।खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन ने फसल के नुकसान पर रोक लगाने तथा मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विभाग द्वारा अगले 5 वर्षों के दौरान किए जाने वाले कार्यों का खाका प्रस्तुत करते हुए बताया कि इससे 3000 से 5000 करोड़ रुपये के नुकसान को रोका जा सकेगा।इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

👉नवीनतम समाचार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A
Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK
Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite
☎️समाचार और विज्ञापनों के लिए, हमारे व्हाट्सएप नंबर +91 98786-15057 पर संपर्क करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Share post:

Popular

More like this
Related

CM Nayab Singh Saini की ‘गो ग्लोबल’ अप्रोच को मिली नई गति

👉एमडीएच के साथ हुआ करार, अब तंजानिया, केन्या सहित...

Sukhbir Singh Badal ਵੱਲੋਂ 55 ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕਿਆਂ ਦੀਆਂ ਇਸਤਰੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀਆਂ ਹਲਕਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨਿਯੁਕਤ

👉ਬਾਕੀ ਵਿੰਗਾਂ ਦੇ ਹਲਕਾਵਾਰ ਪ੍ਰਧਾਨਾਂ ਦਾ ਐਲਾਨ ਵੀ ਜਲਦੀ Punjab...