spot_img
spot_img

Haryana Vision-2047: किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि पर सरकार का फोकस, मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के 5 वर्षीय रोडमैप की समीक्षा की

Date:

spot_img

👉इस वर्ष 1.40 लाख एकड़ भूमि को सेम मुक्त करने का लक्ष्य
Haryana News: हरियाणा को विजन-2047 के अनुरूप कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में कृषि विभाग के आगामी पांच वर्षों के रोडमैप एवं कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर, लागत कम कर और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जाए।मुख्यमंत्री ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं और संकल्प पत्र में शामिल कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विजन-2047 के लक्ष्यों को तय समय सीमा में धरातल पर उतारा जाए, ताकि हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, भविष्य विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेन्द्र बढ़खालसा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

इसे भी पढ़ें  राखीगढ़ी विश्व मानचित्र पर भारत की प्राचीन सभ्यता का सबसे सशक्त प्रतीक बनेगा : मुख्यमंत्री

बैठक में सेम प्रभावित भूमि को सेम मुक्त बनाने के अभियान की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 1.40 लाख एकड़ भूमि को सेम मुक्त करने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भविष्य में कहीं भी इस प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए अभी से वैज्ञानिक योजना तैयार की जाए तथा सैटेलाइट के माध्यम से नियमित निगरानी की व्यवस्था विकसित की जाए।स्वायल हेल्थ कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 15 लाख स्वायल हेल्थ कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 3.75 लाख मिट्टी के नमूने लिए जाने हैं, जिनमें से अब तक 50,620 नमूने एकत्र किए जा चुके हैं। शेष लक्ष्य जुलाई तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में स्कूलों के विद्यार्थियों, कॉलेज के छात्रों और ग्रामीण युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा जाए, ताकि वे मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया को समझ सकें और कृषि के प्रति उनकी रुचि भी बढ़े।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन जिलों में यूरिया की खपत अधिक है, वहां मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट का विश्लेषण कर यह पता लगाया जाए कि वास्तव में नाइट्रोजन की कमी है या किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया का उपयोग कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें  भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जापान : नायब सिंह सैनी

इसके आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने की रणनीति तैयार की जाए।बैठक में प्राकृतिक खेती और जैविक (ऑर्गेनिक) खेती को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 10 जिलों में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। हिसार और गुरुग्राम में अलग मंडियां स्थापित की जाएंगी, जबकि अन्य आठ मंडियों में इनके लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा। किसानों की फसलों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राकृतिक और जैविक खेती से तैयार फसलों की खरीद के लिए मंडियों में अलग रजिस्टर की व्यवस्था की जाए तथा हैफेड के माध्यम से इनके मार्केटिंग, बेच और खरीद की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विजन-2047 का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और खेती को भविष्य के अनुरूप बनाना है।इसके लिए किसानों को दलहन, बागवानी और अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए और आधुनिक तकनीकों को खेत तक पहुंचाया जाए, ताकि प्रदेश का किसान आर्थिक रूप से और अधिक समृद्ध बन सके।

 👉नवीनतम समाचार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

समाचार और विज्ञापनों के लिए, हमारे व्हाट्सएप नंबर +91 98786-15057 पर संपर्क करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img
spot_img
spot_img

Share post:

Popular

More like this
Related

राखीगढ़ी विश्व मानचित्र पर भारत की प्राचीन सभ्यता का सबसे सशक्त प्रतीक बनेगा : मुख्यमंत्री

👉8 हजार वर्ष पुरानी सरस्वती-सिंधु सभ्यता को आधुनिक तकनीक...