👉पशुधन की देखरेख के लिए 820 ई रिक्शा करवाई जाएंगी उपलब्ध
गुरुग्राम के बसई में 1000 एमएलडी का बनेगा दूसरा जलघर
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए अनेक प्रभावी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। इसी कड़ी में राज्य की गौशालाओं को पशुधन की देखरेख के लिए 820 ई रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को चण्डीगढ में हाईपावर्ड परचेज कमेटी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना अनुसार एक हजार तक पशु रखने वाली गौशालाओं को एक तथा इससे अधिक गायों को रखने वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी। बैठक में 10.25 करोड़ रुपए की लागत से ई रिक्शा खरीद को अनुमति प्रदान की गई।
प्रदेश की कुल 770 गौशालाओं में से 553 गौशालाओं में एक हजार से कम पशु, 79 गौशालाओं में दो हजार तक, 20 गौशालाओें में तीन हजार तक, 8 गौशालाओं में चार हजार तथा एक गौशाला में 5 हजार व एक गौशाला में 6 हजार तक पशुधन है। मुख्यमंत्री ने कैथल शहर की विभिन्न कॉलोनियों में 12.87 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन डालने के कार्य को मंजूरी प्रदान की। इससे शहर की अधिकांश आबादी में सीवरेज व्यवस्था शुरू हो जाएगी जो आगामी 2042 तक की जनसंख्या को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके अलावा खेदड़ में वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने एवं आरसीसी टैंक का निर्माण करने की भी मंजूरी दी गई। इस कार्य पर लगभग 27.70 करोड़ रुपए की लागत आएगी।मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण में 10 एमएलडी क्षमता के 5 रैनीवैल टयूबवैल लगाए जाने की स्वीकृति प्रदान की। गांव मंझावली, मोठूका के आसपास यमुना नदी के जलभराव वाले क्षेत्रों में लगभग 164.75 करोड़ रुपए की लागत से लगाए जाने वाले रेनीवैल टयूबवैल से पेयजल हेतु टेस्टिंग की जाएगी।
👉गुरुग्राम के बसई में 1000 एमएलडी का बनेगा दूसरा जलघर
मुख्यमंत्री ने गुरूग्राम मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण के गांव बसई में 1000 एमएलडी क्षमता का दूसरा जल घर बनाने के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके निर्माण पर लगभग 149 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस प्रकार 380.40 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों को 363.82 करोड़ रुपए में टेंडर छोड़कर लगभग 16.58 करोड़ रुपए की बचत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण किए जाने चाहिए। इसके अलावा विकास कार्यो में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, एफएमडीए व जीएमडीएम के सलाहकार श्री डी. एस. ढेसी, प्रधान सचिव श्री पंकज यादव, श्री विजय सिंह दहिया, जीएमडीए के सीईओ श्री पी सी मीणा, महानिदेशक सप्लाई एवं डिस्पोजल श्री पंकज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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