Thursday, May 21, 2026
spot_img
spot_img
spot_img

हरियाणा में नशे के खिलाफ अभियान तेज

Date:

spot_img

👉 नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए 31 मार्च तक जिला-स्तरीय कार्ययोजना
👉 गिरफ्तारियों में 16 प्रतिशत और अंतर्राज्यीय कार्रवाई में 37 फीसदी बढ़ोतरी
Haryana News:हरियाणा सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए अपने अभियान को और तेज करते हुए एक समन्वित एवं तकनीक आधारित रणनीति अपनाने का निर्णय लिया है।आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई 12वीं राज्य स्तरीय नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) बैठक में राज्य की प्रगति की समीक्षा की गई और भविष्य की कार्य-योजना तय की गई।बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में प्रवर्तन कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान दर्ज एफआईआर की संख्या 3,330 से बढ़कर 3,738 हो गई, जो 12.25 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी प्रकार गिरफ्तारियां 6,095 से बढ़कर 7,053 हो गईं, जो 15.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती हैं। मध्यम मात्रा से जुड़े मामलों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और इनकी संख्या 1,985 से बढ़कर 2,610 हो गई, जो 31.49 प्रतिशत की वृद्धि है। व्यावसायिक मात्रा के मामलों में अंतर्राज्यीय गिरफ्तारियां 444 से बढ़कर 610 हो गईं, जो 37.39 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाती हैं।इस दौरान निवारक कार्रवाई को भी बल मिला है। निरोधात्मक कार्रवाई की संख्या 12 से बढ़कर 76 हो गई, जो पांच गुना से अधिक वृद्धि है। मादक पदार्थ नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों पर भी प्रभावी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 में 144 आरोपियों की संपत्तियां कुर्क की गईं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 54 थी।कुर्क की गई संपत्तियों का मूल्य 7.55 करोड़ रुपये से बढ़कर 13.59 करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 80 प्रतिशत वृद्धि है।बैठक के दौरान संदिग्ध नशे के कारण होने वाली मौतों के मामलों की भी समीक्षा की गई।

इसे भी पढ़ें  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

प्रभावित जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ औषधि नियंत्रण अधिकारियों तथा जिला समाज कल्याण अधिकारियों को नशा पीड़ितों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने पिछली बैठक की कार्यवाही की समीक्षा करते हुए नियामक उपायों का सख्ती से पालन के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित प्रहरी क्लबों को सक्रिय भूमिका निभाने और नशा तस्करों की सूचना साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। सर्वाधिक सटीक सूचना देने वाले क्लबों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।बैठक के दौरान बताया गया कि दोहरे उपयोग (ड्यूल-यूज)़ वाली दवाओं की बिक्री करने वाली केमिस्ट शॉप्स में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। सिरसा जिले में पिछले तीन महीनों में 1,737 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें लगभग 18 प्रतिशत में सीसीटीवी खराब पाए गए और लगभग 27 प्रतिशत दुकानों में पंजीकृत फार्मासिस्ट न मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई की गई।बैठक में यह भी बताया गया कि नशे से जुड़ी गतिविधियों में बार-बार संलिप्त पाए गए 63 नशा अपराधियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन को प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की निगरानी के लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए कहा गया है। साथ ही, सभी नशामुक्ति केंद्रों का निरीक्षण निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है।जनवरी 2026 में हुई शीर्ष स्तर की एनसीओआरडी बैठक के निर्देशों के अनुरूप, हरियाणा नेटवर्क आधारित प्रवर्तन, वित्तीय ट्रेल की अनिवार्य जांच तथा परिणाम आधारित निगरानी प्रणाली की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिला स्तर पर कार्य-योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिन्हें 31 मार्च, 2026 तक लागू किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें  हरियाणा मंत्रिमंडल ने कानूनी अस्पष्टता दूर करने के लिए पंजाब न्यायालय अधिनियम, 1918 में संशोधन को मंजूरी दी

इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम के तहत समयबद्ध अभियोजन लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले महीने एक ही दिन सभी जिलों में जिला-स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएं और उनकी समेकित रिपोर्ट अगली राज्य स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में प्रस्तुत की जाए, ताकि जिलावार प्रदर्शन का व्यापक आकलन किया जा सके।बैठक में संस्थागत सुदृढ़ीकरण के तहत हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का मुख्यालय मधुबन (करनाल) से पंचकूला स्थानांतरित करने के एक प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा, पंचकूला में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए समर्पित थाना स्थापित करने की भी योजना है।फॉरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए जीसी-एमएस, जीसी-एफआईडी और यूवी-एचपीएलसी जैसी उन्नत मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही प्रेगाबालिन, सिग्नेचर कैप्सूल और टैपेंटाडोल जैसी दवाओं को एनडीपीएस ढांचे में लाने का सुझाव भी दिया गया।मुख्य सचिव ने सभी विभागों को सख्त निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और ठोस परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए नशामुक्त हरियाणा के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।बैठक में सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के एडीजीपी श्री संजय कुमार और ब्यूरो के एसपी श्री मोहित हांडा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

👉नवीनतम समाचार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

समाचार और विज्ञापनों के लिए, हमारे व्हाट्सएप नंबर +91 98786-15057 पर संपर्क करें।

spot_img

Share post:

spot_img

Popular

More like this
Related

Bathinda Police ਵੱਲੋਂ ਹਿੰਦੂ ਆਗੂ ਸੰਦੀਪ ਪਾਠਕ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ, ਜਾਣੋਂ ਮਾਮਲਾ

Bathinda News: Bathinda Police ਨੇ ਬੁੱਧਵਾਰ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵੱਡੀ...