प्रदेश की सभी मंडियों और खरीद केंद्रों में सुचारु चल रहा है खरीद कार्य : नायब सिंह सैनी

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 👉मुख्यमंत्री ने पिपली अनाज मंडी में गेहूं खरीद प्रक्रिया का किया निरीक्षण
 👉फसल नुकसान एवं भरपाई के लिए 15 अप्रैल तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करें किसान
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सभी मंडियों और खरीद केंद्रों में सफलतापूर्वक बिना किसी रुकावट के निरंतर चल रहा है। इस दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आ रही है। किसानों की फसल के एक-एक दाने की खरीद की जाएगी। इस वर्ष रबी खरीद 2026-27 के दौरान 12 अप्रैल तक लगभग 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है और लगभग 2.44 लाख किसानों का 30.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं हेतु बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, 10.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है और लगभग 188 करोड़ की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे तौर पर स्थानांतरित हो चुकी है।मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को पिपली अनाज मंडी में गेहूं खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री ने अनाज मंडी के गेट पर गेट पास बनाने की प्रक्रिया को जाना, इसके बाद खरीद व्यवस्था को देखा और किसानों से बातचीत कर अनाज मंडी में गेहूं बेचने के दौरान आने वाली समस्याओं व दिक्कतों को जाना। गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से आरम्भ हो चुकी है। भारत सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य में गेहूं की खरीद के लिए 416 मंडियां एवं खरीद केंद्र के अलावा 264 अतिरिक्त खरीद स्थल भी खोले गए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में खरीद प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित तथा किसान हितैषी बनाने के लिए कई नई पहले लागू की हैं। इन उपायों से फसल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगेगी तथा किसानों को सुविधाजनक और तेज सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन-स्तरीय फसल सत्यापन प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इस व्यवस्था के तहत खरीद केंद्रों पर लाई गई फसल का किसान द्वारा पंजीकृत फसल से मिलान सुनिश्चित किया जा रहा है।

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इससे फसल सत्यापन प्रक्रिया अधिक सटीक और विश्वसनीय बन रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बेमौसमी बारिश के कारण प्रदेश के 4 जिलों फतेहाबाद, हिसार, सिरसा व कुरुक्षेत्र के कुछ गांवों में फसलों को नुकसान होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। उन्होंने स्वयं संबंधित जिलों के उपायुक्तों से बात कर स्थिति का पता लगाया और फसलों को हुए नुकसान एवं भरपाई के लिए कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा व फतेहाबाद के लिए पोर्टल खोला हुआ है। इनमें कुरुक्षेत्र के 6 गांव, फतेहाबाद जिले के 9 गांव, हिसार के 10 गांव तथा सिरसा के 2 गांव शामिल हैं। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान अपनी फसल के नुकसान एवं भरपाई के लिए 15 अप्रैल तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करें।इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, चेयरमैन सतीश मथाना, मंडी प्रधान गुरुदत्त शर्मा, मार्केट कमेटी सचिव गुरमीत सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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