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डिग्री आपके ज्ञान का प्रमाण देती है, लेकिन आपका चरित्र आपके जीवन का परिचय देता है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

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👉यमुनानगर में आयोजित उत्कर्ष 2026 कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री, मेधावी विद्यार्थी व खिलाड़ियों को किया सम्मानित
👉कहा: युवा शक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प की सबसे मजबूत नींव
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरु नानक खालसा कालेज यमुनानगर में आयोजित उत्कर्ष 2026 कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि श्री गुरु नानक देव जी की पवित्र शिक्षाओं से प्रेरित इस शिक्षण संस्थान में आकर मेरा हृदय गर्व, आत्मीयता और आशा से भर गया है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने वर्षों से शिक्षा के माध्यम से जिस सामाजिक चेतना का निर्माण किया है, वह वास्तव में राष्ट्र निर्माण की एक प्रेरणादायी यात्रा है। उन्होंने 160 मेधावी विद्यार्थी व खिलाडियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित करते हुए कहा कि मुझे इस मंच पर तीन ऐसे दृश्य एक साथ दिखाई दे रहे हैं, जो किसी भी समाज के उज्ज्वल भविष्य की पहचान होते हैं। एक ओर वे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से कॉलेज और विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। दूसरी ओर वे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने खेल के मैदान में अपने पसीने को पदकों में बदलकर हरियाणा और भारत का गौरव बढ़ाया है और तीसरी ओर वे युवा हैं, जिनके हाथों में आज रोजगार के नियुक्ति पत्र हैं।

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उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि डिग्री आपके ज्ञान का प्रमाण देती है, लेकिन आपका चरित्र आपके जीवन का परिचय देता है। इसलिए आप जहाँ भी जाएँ, अपने ज्ञान के साथ, अपने संस्कारों को भी साथ लेकर जाए। मैं उन परिवारों की खुशी की कल्पना कर सकता हूँ, जिनके घर आज यह शुभ समाचार पहुँचा होगा। किसी माँ ने वर्षों पहले अपने बच्चे को स्कूल भेजते समय जो सपना देखा था, आज वह सपना साकार हुआ है। किसी पिता ने अपनी जरूरतों को पीछे रखकर अपने बच्चे की पढ़ाई पूरी कराई थी, यह आपके लिए केवल एक जॉब ऑफर नहीं है, बल्कि आपके पूरे परिवार के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने खेल के क्षेत्र में जो पहचान बनाई है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है। जब भी भारत का तिरंगा किसी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में लहराता है, उसमें हरियाणा के बेटे या बेटी का पसीना अवश्य शामिल होता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी कहा करते थे उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। आज का भारत भी आपसे यही अपेक्षा करता है कि आप बड़े सपने देखे, कठिन परिश्रम करें और राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि आज जब मैं आपकी आँखों में देखता हूँ तो मुझे विकसित भारत का भविष्य साफ दिखाई देता है। मुझे आप में ऐसे वैज्ञानिक दिखाई देते हैं, जो नई खोज करेंगे। मुझे ऐसे खिलाड़ी दिखाई देते हैं, जो विश्व मंच पर तिरंगा फहराएँगे। मुझे ऐसे इंजीनियर, डॉक्टर, उद्यमी और प्रशासक दिखाई देते हैं, जो भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाएँगे। हमारी सबसे बड़ी शक्ति हमारी युवा आबादी है। यही युवा शक्ति माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के संकल्प की सबसे मजबूत नींव है। इस विकसित भारत का रास्ता आप युवाओं की प्रतिभा, कौशल और चरित्र से होकर गुजरता है।उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि यह कार्यक्रम श्री गुरु नानक देव जी के पावन नाम से जुड़े इस संस्थान में आयोजित हो रहा है। गुरु नानक देव जी ने मानवता को जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा- किरत करो, नाम जपो और वंड छको। यानी ईमानदारी से कर्म करो, अपने मूल्यों से जुड़े रहो और जो भी प्राप्त हो, उसे समाज के साथ बाँटकर आगे बढ़ो। यदि आप युवा इन तीन शिक्षाओं को अपने जीवन में उतार ले, तो विकसित भारत का सपना समाज की सामूहिक चेतना से साकार हो जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। रोबोटिक्स, सेमी कंडक्टर, ग्रीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन और स्टार्टअप की नई क्रांति हमारे सामने है। वास्तव में, वहीं से सीखने की नई यात्रा शुरू होती है। इसलिए नई तकनीकों और कौशल विकसित कीजिए और अपने भीतर नवाचार की भावना को जीवित रखिए। उन्होंने बताया कि उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी का एक प्रसंग याद आता है। एक बार उनसे किसी ने पूछा कि सफलता का सबसे बड़ा रहस्य क्या है? उन्होंने मुस्कुराकर कहा सपना वह नहीं जो सोते समय दिखाई दे, सपना वह है जो आपको सोने न दे। यही बात हर एक विद्यार्थी पर लागू होती है। सरकार ने राजकीय महाविद्यालयों को मॉडल संस्कृति महाविद्यालयों के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। अब तक 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालय बनाए जा चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर युवा को उसके घर के आसपास ही उच्चतर शिक्षा मिले। इसके लिए प्रदेश में हर 20 किलोमीटर के दायरे में राजकीय महाविद्यालय खोले हैं। शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास पर भी बल दे रहे हैं। राष्ट्रीय परियोजना के तहत पंचकूला में कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, रोहतक में आई.आई.एम, उमरी में एन.आई.डी. और सोनीपत में आई.आई.टी. दिल्ली का विस्तार केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस वित वर्ष के बजट में भी शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रावधान किए हैं।

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उन्होंने कहा कि भविष्य विभाग और उच्चतर शिक्षा विभाग के सहयोग से एक स्वायत्त एवं डिजिटल कॉलेज शुरू किया जाएगा। यह कॉलेज शिक्षण, मूल्यांकन और व्यक्तिगत अधिगम आधारित प्रणालियों से संचालित होगा। इस पायलट कार्यक्रम की सफलता के आधार पर अगले वर्ष 10 और ऐसे कॉलेज स्थापित किए जाएंगें।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं को पढ़ाई के प्रति गंभीर करने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मेहनत करने का माहौल दिया है। प्रदेश में युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के 1 लाख 83 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं। युवाओं को स्किल, सम्मान और सुरक्षा के साथ विदेशों में भेजने के लिए 1 लाख 96 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि युवाओं को डंकी रूट से बचाने और अवैध एजेंटों के खेल को खत्म करने के लिए मार्च, 2025 को कानून बनाया है। ओलम्पिक तथा पैरालम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 4 करोड़ रुपये, कांस्य पदक विजेता को 2.50 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार तथा प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी को 15 लाख रुपये देने का प्रावधान किया है। खिलाडिय़ों के लिए खेल एवं युवा मामले विभाग में 550 नए पद सृजित किये गये हैं। अब तक 232 खिलाडिय़ों को नौकरी प्रदान की जा चुकी है। खिलाडिय़ों की खुराक राशि 500 रुपये प्रति खिलाड़ी प्रतिदिन की गई है। राज्य में वर्ष 2026 में 2000 खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। खेल नर्सरियों के 8 से 14 आयु वर्ग के खिलाडिय़ों को छात्रवृत्ति के रुप में 1,500 रुपये प्रतिमास तथा 15 से 19 आयु वर्ग के खिलाडिय़ों को 2,000 रुपये प्रतिमास छात्रवृति के रुप में दिए जा रहे हैं।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा,पूर्व विधायक बलवंत सिंह, नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी, पूर्व मेयर मदन चौहान, जिला परिषद चेयरमैन रमेश ठसका, गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन सरदार रणदीप सिंह जौहर, प्रबंधन समिति के सदस्यगण, उद्योग जगत के प्रतिष्ठित प्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, विद्यार्थीगण भी उपस्थित रहें।

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