👉मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की पहली बैठक में ‘नवाचार योजना’ को दी सैद्धांतिक मंजूरी
Haryana News: हरियाणा सरकार ने ‘आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से समाधान’ की अवधारणा को साकार करने तथा अकादमिक शोध, नवाचार और प्रशासनिक जरूरतों के बीच प्रभावी सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत ‘हरियाणा नेटवर्क फॉर एकेडमिक विजन, अपलाइड क्रिएटिविटी एवं हॉलिस्टिक एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च (नवाचार) योजना’ तैयार की गई है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की पहली जनरल बॉडी बैठक में योजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और इसे सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में एजेंडे के विभिन्न बिंदुओं पर क्रमवार चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए।नवाचार योजना का उद्देश्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं नवाचार क्षमता को वास्तविक चुनौतियों से जोड़ना है, ताकि ऐसे शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया जा सके, जिनके परिणामों का उपयोग नीतियों के निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किया जा सके। योजना के तहत यदि कोई विद्यार्थी नई तकनीक, समाधान अथवा ऐसा आइडिया प्रस्तुत करता है, जो प्रदेश की किसी वास्तविक समस्या के समाधान में उपयोगी हो सकता है, तो उसके विचार को प्रोटोटाइप और समाधान के रूप में विकसित करने के लिए सरकार द्वारा सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के अंतर्गत शोध परियोजनाओं को ‘लैब से फील्ड और फील्ड से नीति’ की अवधारणा के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में विकसित ज्ञान, तकनीक और नवाचार को वास्तविक परिस्थितियों में परखना तथा सफल परिणामों को सरकारी विभागों और आमजन के हित में उपयोगी बनाना है।
👉राज्य के विश्वविद्यालय और शोधकर्ता होंगे योजना के प्रमुख सहभागी*
नवाचार योजना के तहत हरियाणा में स्थित पात्र विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों को राज्य की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर शोध परियोजनाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। प्रारंभिक परीक्षण एवं मूल्यांकन के बाद चयनित प्रस्तावों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए 1 लाख रुपये तक की प्रारंभिक सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके बाद संबंधित विभाग के समन्वय से तैयार DPR को परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक अंतिम वित्तीय स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। इससे हरियाणा में शोध एवं नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ शासन को डेटा, तकनीक और अकादमिक विशेषज्ञता पर आधारित नए एवं व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
👉नवाचार और अनुसंधान को जमीनी समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाया जाए*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नवाचार और अनुसंधान को केवल अकादमिक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए उन्हें जमीनी समस्याओं के व्यावहारिक एवं स्थायी समाधान से जोड़ा जाए। ऐसा शोध किया जाना चाहिए, जिससे समाज और प्रदेश के सामने मौजूद वास्तविक चुनौतियों का प्रभावी समाधान विकसित हो सके।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के विभिन्न शोध संस्थानों और विशेषज्ञ संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाशें। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसे क्षेत्रों में भूमिगत जल की गुणवत्ता पर शोध किया जाए और ऐसी तकनीक विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए, जिससे अनुपयोगी अथवा गैर-पीने योग्य पानी को उपयोगी बनाया जा सके या आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया के माध्यम से उसे पीने योग्य बनाने का समाधान विकसित किया जा सके।बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी अनुपमा, उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए के सिंह, फ्यूचर विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अपनीत पी कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, क्रिड विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन, फ्युचर विभाग के निदेशक डॉ आदित्य दहिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ राज नेहरू, श्री विरेंद्र बढ़खालसा सहित अन्य अधिकारी व सोसायटी के सदस्य व गैर सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे।
👉नवीनतम समाचार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A
Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK
Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite
☎समाचार और विज्ञापनों के लिए, हमारे व्हाट्सएप नंबर +91 98786-15057 पर संपर्क करें



