👉राज्यपाल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में नए कैफेटेरिया की रखी आधारशिला
👉महिला सशक्तिकरण की मिसाल बने नया कैफेटेरिया, राज्यपाल ने संचालन महिलाओं को सौंपने का दिया सुझाव
👉5 लाख अमेरिकी डॉलर के दान के लिए हेमंत-नलिनी गुप्ता की करी सराहना, पूर्व-छात्रों की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया
Haryana News:हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन से विश्वविद्यालय के पूर्व-छात्र (एलुमनाई) नेटवर्क के साथ अपने जुड़ाव को और अधिक सुदृढ़ करने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व-छात्रों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों की सहायता के लिए प्रेरित किया जाए ताकि आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की उच्च शिक्षा में बाधा न बने।राज्यपाल लोक भवन से वर्चुअल माध्यम के जरिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रोज़ गार्डन में बनने वाले कैफेटेरिया की आधारशिला रखने के उपरांत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित थीं।शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति पर बल देते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने विश्वविद्यालय से आग्रह किया कि वह वंचित परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों की पहचान करे, विशेषकर ऐसे परिवारों के छात्रों की, जिनमें पीढ़ियों से किसी ने उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं की है। उन्होंने कहा कि इच्छुक पूर्व-छात्रों को ऐसे विद्यार्थियों की शिक्षा को स्पॉन्सर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि वे अपनी आकांक्षाओं को साकार कर समाज के विकास में सार्थक योगदान दे सकें।कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के देश-विदेश में फैले पूर्व-छात्र समुदाय की व्यापक क्षमता का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मेंटरशिप, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप, शोध सहयोग, तथा आधारभूत ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में उनका योगदान विश्वविद्यालय के भविष्य को नई दिशा देने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है।प्रो. घोष ने विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व-छात्र श्री हेमंत गुप्ता एवं श्रीमती नलिनी गुप्ता द्वारा कैफेटेरिया के निर्माण के लिए 5 लाख अमेरिकी डॉलर का दान देने के उदार योगदान की भी सराहना की। राज्यपाल ने इसे पूर्व-छात्रों की अपने शिक्षण संस्थान के प्रति प्रतिबद्धता और उदारता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे अन्य पूर्व-छात्र भी अपनी मातृ संस्था (अल्मा मेटर) के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।
👉महिला सशक्तिकरण की मिसाल बने नया कैफेटेरिया, राज्यपाल ने संचालन महिलाओं को सौंपने का दिया सुझाव
राज्यपाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय महिलाओं की उच्च शिक्षा के एक अग्रणी केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां परिसर में छात्राओं की संख्या सर्वाधिक है। इस संदर्भ में उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि प्रस्तावित कैफेटेरिया का संचालन पूर्णतः महिलाओं की टीम द्वारा किया जाए। इससे न केवल महिला नेतृत्व और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक प्रभावी और व्यावहारिक मॉडल विकसित होगा।इससे पूर्व राज्यपाल ने वर्चुअल माध्यम से कैफेटेरिया की आधारशिला पट्टिका का अनावरण किया, परियोजना की ब्रोशर का विमोचन किया तथा लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष के साथ पौधारोपण भी किया।
👉कार्यक्रम को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. वीरेंद्र पाल, केयू एलुमनाई एसोसिएशन के निदेशक डॉ. अनिल मित्तल, युवा एवं सांस्कृतिक मामलों के निदेशक डॉ. विवेक चावला सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, एवं कर्मचारी उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के स्टाफ तथा शैक्षणिक समुदाय के सदस्य भी परिसर से वर्चुअल माध्यम के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए।
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