👉मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर दिया जोर
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में कंडम हो चुके लगभग 700 स्कूलों में नए भवन बनाने का कार्य टेंडर करके जल्द से जल्द करवाया जाए। भवन निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि बच्चों को पढ़ाई का बेहतर वातावरण मिल सके। स्कूलों के नए भवनों में प्राकृतिक रूप से हवा के आवागमन वाले व नई स्पेशिफिकेशन के डिजाईन को अपनाया जाए। प्रत्येक स्कूल पर सोलर सिस्टम लगवाया जाए ताकि बच्चों को गर्मी में असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि इन सभी स्कूलों के भवनों का निर्माण अगले एक साल में अवश्य पूरा कर लिया जाए।मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा सहित विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था, कंडम भवनों के पुनर्निर्माण, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, शिक्षकों के रिक्त पदों, डिजिटल शिक्षा तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालयों के आधुनिकीकरण और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
👉हरियाणा में चल रहे हैं 14297 सरकारी स्कूल:*
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बताया कि प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा कुल 14297 स्कूल चलाए जा रहे हैं। इनमें से हर 5 किलोमीटर पर सीएम ईईई (मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं प्रारंभिक शिक्षा) तथा हर 10 किलोमीटर पर पीएम श्री व राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों सहित कुल 719 उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में आवश्यकता अनुसार नए भवनों के निर्माण, मरम्मत, आईसीटी लैब की स्थापना, प्रत्येक स्कूल में कम से कम एक टू-वे कम्यूनिकेशन सिस्टम, शिक्षकों की रिक्तियों को भरने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
👉सभी 719 उत्कृष्ट स्कूलों में कंप्यूटर लैब बनेगी:*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी 719 उत्कृष्ट स्कूलों में कम से कम 10 कंप्यूटर की एक आईसीटी लैब इसी वर्ष स्थापित करवाई जाए। इसके लिए उन्होंने हारट्रोन को कंप्यूटर खरीद की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सरकारी स्कूलों में जलभराव की समस्या है वहां समस्या का स्थाई समाधान करवाया जाए। इसके लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली भी अपनाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा विभाग को समय-समय पर जो निर्देश दिए जाते हैं उन पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए।
👉सभी स्कूलों में पीने के पानी की जांच के निर्देश:*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 14297 स्कूलों में पीने के पानी की जांच करवाई जाए। जिन स्कूलों में पानी की गुणवत्ता मानकों से कम है उन स्कूलों की सूची उपलब्ध करवाई जाए ताकि उन सभी स्कूलों को पेयजल आपूर्ति करने वाले विभाग के माध्यम से पानी की गुणवत्ता ठीक करवाई जा सके। जहां जरूरत होगी वहां आरओ सिस्टम भी लगवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के स्कूलों में अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से जरूरी कार्यों करवाए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने वित्त विभाग को सभी जिलों में एक-एक करोड़ रुपये की राशि भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक जिला में करवाए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक पोर्टल बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्त व शिक्षा विभाग प्रति माह स्कूलों में सुधार कार्यों की समीक्षा करें तथा वे स्वयं प्रत्येक 3 माह में विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे।
👉पौधारोपण अभियान में लगाए 10 लाख पौधे:*
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेशव्यापी पौधारोपण अभियान में स्कूली विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी से प्रदेश के 13,126 विद्यालयों के 11,77,766 विद्यार्थियों और 74,419 शिक्षकों के माध्यम से कुल 10,47,122 पौधे लगाए गए। यह पहल विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विद्यालयों में हरित वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा व पालन-पोषण भी सुनिश्चित किया जाए।
👉इन मामलों की भी की समीक्षा:*
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तारें गुजर रही हैं उन्हें हटवाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में खेलों का सामान भी प्राथमिकता के आधार पर टेंडर करके भिजवाया जाए ताकि स्कूली स्तर से ही बच्चों में खेल की भावना पैदा हो सके। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने, पार्टटाईम स्वच्छता कर्मियों के अनुबंध, गैर-शिक्षक कार्यों के लिए अलग से कैडर बनाने, शिक्षकों के मेडिकल व एलटीसी बिलों की स्थिति की भी समीक्षा की और इनके संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, हारट्रोन के प्रबंध निदेशक श्री यश गर्ग, शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री जितेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह तथा वित्त विभाग के विशेष सचिव कैप्टन मनोज कुमार, प्राथमिक शिक्षा की निदेशक श्रीमती मनीता मलिक तथा शिक्षा परिषद के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्वप्निल पाटिल, सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
👉नवीनतम समाचार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A
Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK
Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite
☎समाचार और विज्ञापनों के लिए, हमारे व्हाट्सएप नंबर +91 98786-15057 पर संपर्क करें



