👉हरियाणा के 20.57 अरब डॉलर के निर्यात कारोबार की वैश्विक बाजार में बड़े विस्तार की तैयारी*
👉200 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हरियाणा के उत्पाद*
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वैश्विक बाजारों के साथ भारत का बढ़ता जुड़ाव हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई, किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर लेकर आया है। कार्यक्रम को विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने कारोबारियों से देश के व्यापार समझौतों का पूरा लाभ उठाने, नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तलाश करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को अपने मजबूत विनिर्माण आधार और कुशल कार्यबल की क्षमता का लाभ उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति और बढ़ानी होगी। उन्होंने अगले पांच वर्षों में राज्य के निर्यात को दोगुना करने के लक्ष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दिशा में केंद्रित नीतिगत ढांचे, मजबूत संस्थागत सहयोग और उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद को महत्वपूर्ण बताया। हरियाणा सरकार द्वारा गुरुग्राम में “लेवरेजिंग एफटीए – आउटरीच प्रोग्राम” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भारत सरकार एवं हरियाणा सरकार के वरिष्ठ गणमान्य अधिकारीगण, जनप्रतिनिधियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निर्यातकों, व्यापार विशेषज्ञों और प्रमुख निर्यात संवर्धन परिषदों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का आयोजन हरियाणा सरकार के एमएसएमई निदेशालय द्वारा भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग तथा विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के क्षेत्रीय कार्यालयों के सहयोग से किया गया। इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) इस कार्यक्रम का नॉलेज पार्टनर रहा इस राज्य स्तरीय आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य हरियाणा के उद्योगों और कारोबारियों को भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के तहत उपलब्ध बाजार अवसरों की जानकारी देना, टैरिफ रियायतों एवं रूल्स ऑफ ओरिजिन को समझने में सहायता करना, गैर-टैरिफ बाधाओं से निपटने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा के लिए उनकी तैयारी को मजबूत करना था।
👉हरियाणा के उत्पाद आज 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों में पहुंच रहे*
वित्त वर्ष 2025-26 में 20.57 अरब अमेरिकी डॉलर के वस्तु निर्यात, 7.66 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि और देश के कुल वस्तु निर्यात में 4.66 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ हरियाणा भारत के प्रमुख निर्यातक राज्यों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। देश के राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में छठे स्थान पर रहने वाले हरियाणा के उत्पाद आज 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। राज्य अब भारत के बढ़ते मुक्त व्यापार समझौतों (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स-एफटीए) के माध्यम से उपलब्ध अवसरों को अपने उद्योगों और निर्यातकों के लिए वास्तविक कारोबारी संभावनाओं में बदलने की दिशा में प्रयास तेज कर रहा है।
👉गुणवत्ता, तकनीक और सतत विनिर्माण पर दे जोर- राव नरबीर सिंह*
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि आज वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता केवल कीमतों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता, तकनीक, उत्पाद कता और सतत विनिर्माण प्रक्रियाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने उद्योगों से बदलते वैश्विक मानकों, पर्यावरणीय आवश्यकताओं, जिम्मेदार सोर्सिंग और संसाधनों के कुशल उपयोग के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के माध्यम से उपलब्ध वैश्विक बाजार अवसरों का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया।
👉गुरुग्राम से ही लगभग 8.33 अरब अमेरिकी डॉलर की वस्तुओं का होता है निर्यात- डॉ. अमित अग्रवाल*
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने हरियाणा के बढ़ते निर्यात इकोसिस्टम और राज्य की औद्योगिक क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम से ही लगभग 8.33 अरब अमेरिकी डॉलर का वस्तु निर्यात होता है, जो राज्य के कुल वस्तु निर्यात का करीब 40 प्रतिशत है। गुरुग्राम का मजबूत विनिर्माण, इंजीनियरिंग, आईटी/आईटीईएस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) का इकोसिस्टम इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।एमएसएमई निदेशालय के महानिदेशक डॉ. यश गर्ग ने निर्यात प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार के नीतिगत दृष्टिकोण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्यातकों को वित्तीय सहायता, गुणवत्ता प्रमाणन, माल ढुलाई सहायता, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी, डिजिटल बाजार संपर्क और निर्यात संबंधी सुविधाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने जिला एवं औद्योगिक क्लस्टर स्तर तक बाजार संबंधी जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण से जुड़ी सुविधाएं पहुंचाने पर भी जोर दिया।
👉हरियाणा के उद्योगों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की पहल*
तकनीकी सत्रों में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख व्यापारिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी साझा की। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में कार्यरत अतिरिक्त सचिव श्री नितिन कुमार यादव, आईएएस, ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के तहत उभरते अवसरों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की जानकारी देते हुए सत्र की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) की ट्रेड एडवाइजर डॉ. तमन्ना चतुर्वेदी ने हरियाणा के निर्यातकों के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्षेत्रवार उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला।
👉प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित सत्र और निर्यातकों के साथ सीधा संवाद*
कार्यशाला में तीन प्रमुख क्षेत्रीय समूहों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें टेक्सटाइल एवं परिधान, जिसमें लेदर एवं फुटवियर शामिल हैं; कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण; तथा इंजीनियरिंग गुड्स, जिसमें ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स शामिल हैं ।इन सत्रों में संबंधित निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संगठनों ने भाग लिया। इनमें एईपीसी, टेक्सप्रोसिल, आईआईएफटी, एसीएमए और अन्य शामिल रहे।अपनी नीतिगत पहलों, संस्थागत तंत्र और केंद्र सरकार, निर्यात संवर्धन परिषदों तथा उद्योग जगत के साथ निरंतर सहयोग के माध्यम से हरियाणा सरकार प्रदेश के कारोबारियों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच को अधिक सुगम बनाने और भारत की निर्यात वृद्धि में राज्य की भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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