गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित ‘गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ का मुख्यमंत्री ने पेश किया सरकारी प्रस्ताव

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👉सीर गोवर्धनपुर की पावन मिट्टी से हरियाणा में पहुंचेगा गुरु रविदास जी का समरसता संदेश
👉5 अक्तूबर से 5 नवंबर तक हरियाणा में निकलेगी ‘समरसता यात्रा’
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित देशव्यापी ‘गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ के संबंध में सरकारी प्रस्ताव पेश किया और सदन में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हुआ।मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि गत 29 जुलाई, 2026 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शुरू हुआ यह अभियान 20 फरवरी, 2027 तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के समता, ममता, करुणा, सेवा, भक्ति, सामाजिक न्याय एवं सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाना तथा विभिन्न वर्गों में सामाजिक एकता को और मजबूत करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का शुभारंभ संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी से हुआ। इस अवसर पर वहां की पवित्र मिट्टी से भरे कलश का पूजन कर उन्हें देशभर के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपा गया। हरियाणा में श्री गुरु रविदास जी की जन्मस्थली की पावन मिट्टी की कलश यात्रा 4 अगस्त, 2026 को पहुंची तथा इसके स्वागत में 5 अगस्त, 2026 को गुरुग्राम स्थित माता शीतला मंदिर परिसर में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इसमें लाए गए कलशों को जिला एवं ग्राम स्तर तक पहुंचाया जा रहा है, जहां श्रद्धालु पावन मिट्टी को स्थानीय मंदिरों की मिट्टी में मिलाकर संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।

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👉*5 अक्तूबर से 5 नवंबर तक हरियाणा में चलेगी समरसता यात्रा*
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समरसता यात्रा आगामी 5 अक्तूबर को हरियाणा में पहुंचेगी और 5 नवंबर, 2026 तक चलेगी। यात्रा के स्वागत के लिए इसके मार्ग में पूरे प्रदेश में प्रवेश द्वार और स्वागत स्थल तैयार किए जाएंगे तथा जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 26 नवंबर, 2026 से 15 जनवरी, 2027 तक छात्रावासों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग केंद्रों में विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे।

👉*भक्ति आंदोलन के माध्यम से समाज में नई जागृति लाई*
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का जन्म 649 वर्ष पहले माघ पूर्णिमा के पावन दिन काशी की पुण्य भूमि पर हुआ था। उनका व्यक्तित्व पूर्णिमा के चंद्रमा की तरह शीतल एवं उज्ज्वल था। उन्होंने भक्ति आंदोलन के माध्यम से समाज सुधार का साहसिक और ऐतिहासिक कार्य किया। उस समय जाति-पाति, अंधविश्वास तथा ऊंच-नीच में उलझे समाज में उन्होंने नई जागृति पैदा की।मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी का अमर संदेश ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ हमें सिखाता है कि यदि नीयत साफ हो, भाव पवित्र हों और कर्म लोक-कल्याण के लिए हों, तो साधारण से साधारण स्थान भी तीर्थ बन जाता है। उन्होंने अध्यात्म को महलों और मंदिरों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उसे गरीब की झोपड़ी, मेहनतकश के पसीने और मानव सेवा से जोड़ा।उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी को निर्गुण भक्ति आंदोलन का प्रमुख संत माना जाता है। उनकी भक्ति में जाति, वर्ग अथवा बाहरी दिखावे के लिए कोई स्थान नहीं था। उन्हें स्वामी रामानंद जी का शिष्य माना जाता है और इस दृष्टि से संत कबीर तथा गुरु रविदास जी को एक ही व्यापक भक्ति परंपरा का प्रतिनिधि माना जाता है।

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👉*प्रधानमंत्री ने गुरु रविदास जी की जन्मस्थली पर शीश नवाया*
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2016 में उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर जाकर शीश नवाया था। उस समय उन्होंने जन्मस्थली के विकास का संकल्प व्यक्त किया। वर्ष 2019 में जन्मस्थली के विस्तार एवं विकास की बड़ी परियोजना की आधारशिला रखी गई और इसके प्रथम चरण के विकास कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 12 अगस्त, 2023 को मध्य प्रदेश के सागर में 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक एवं संग्रहालय की आधारशिला रखी। इसके अलावा, फरवरी 2024 में जन्मस्थली पर लगभग 32 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया तथा लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से संत रविदास संग्रहालय एवं पार्क की आधारशिला रखी गई। इसमें गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं को प्रदर्शित करने वाली आर्ट गैलरी और संग्रहालय बनाया जाना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 1 फरवरी को डेरा सचखंड बल्लां में संत श्री गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया था।

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👉*हरियाणा में उमरी में 124 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा गुरु रविदास धाम*
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र के उमरी में 5 एकड़ भूमि पर भव्य गुरु रविदास धाम बना रही है। इसका भूमि पूजन 15 मार्च, 2024 को किया गया था। इस परियोजना पर लगभग 124 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परिसर में संत रविदास जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की वाणी को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में आदरपूर्वक स्थान मिला है। इससे स्पष्ट है कि उनकी वाणी ने पंथ, क्षेत्र और भाषा की सीमाओं को पार किया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंग 345 में उनका प्रसिद्ध दोहा संकलित है— “बेगम पुरा सहर को नाउ। दूखु अंदोहु नहीं तिहि ठाउ।।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि बेगमपुरा का अर्थ है ऐसा स्थान, जहां कोई गम नहीं, कोई भय नहीं, कोई अन्याय नहीं, कोई भेदभाव नहीं और कोई शोषण नहीं। भक्त शिरोमणि मीराबाई ने भी अपनी रचनाओं में गुरु रविदास जी को अपना गुरु माना है, जो उनकी आध्यात्मिक प्रतिष्ठा और व्यापक स्वीकार्यता का प्रमाण है।उन्होंने विधानसभा के सभी सदस्यों से विनम्र अनुरोध किया कि श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस यात्रा को सफल बनाने में सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सदन ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में सभी हरियाणावासियों, विशेष रूप से विभिन्न संतों, महंतों, धर्माचार्यों एवं डेरा प्रमुखों, मंदिर समितियों तथा सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं से भाग लेने का आह्वान करता है।

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👉*सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करना हमारा संकल्प*
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सदन संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी द्वारा मानव मात्र के लिए दी गई शिक्षाओं को याद करते हुए उन्हें नमन करता है तथा उनके 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित देशव्यापी ‘गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने का प्रण लेता है।उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी के प्रति सच्ची श्रद्धा के रूप में उनकी अमर शिक्षाओं को हरियाणा प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंचाने की आवश्यकता है, ताकि प्रदेश में आपसी सहयोग और भाईचारे की गौरवपूर्ण परंपरा अटूट बनी रहे।मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वे इस सम्मानित सदन के सम्मुख गहन श्रद्धा के साथ प्रदेश के लोगों की ओर से श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने का अनुरोध करते हैं।

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