👉एग्रीस्टैक प्लेटफार्म पर पंजीकृत किसानों को केंद्र व प्रदेश की सभी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से मिलेगा
Haryana News: किसानों को केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का त्वरित गति व प्रभावी ढंग से लाभ प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एग्रीस्टैक प्लेटफार्म बनाया गया है। प्रदेश में इस प्लेटफार्म पर किसानों का रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य अगले तीन दिन में पूरा किया जाए। इसके लिए सभी जिलों के उपायुक्त अपने राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को टार्गेट देकर युद्धस्तर पर रजिस्ट्रेशन कार्य पूर्ण करवाएं।हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा ऑटो म्यूटेशन कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक तथा मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव व भूमि चकबंदी एवं भू-अभिलेख के निदेशक डॉ. यशपाल यादव भी मौजूद थे।
इसे भी पढ़ें 👉 CM Nayab Singh Saini ने बसों को हरी झंडी दिखाकर ‘युवा उद्यमी यात्रा’ का किया शुभारंभ
सभी जिलों के उपायुक्त, डीआरओ तथा उप कृषि निदेशक ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुडे़।मुख्यमंत्री ने तीनों योजनाओं- एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा ऑटो म्यूटेशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन जिलों के उपायुक्तों से जवाब मांगा जिनकी प्रगति धीमी थी। उन्होंने सख्ती के साथ सभी जिलों को 24 अगस्त की शाम तक निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करने के आदेश देते हुए कहा कि वे स्वयं 24 अगस्त को कार्य की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 25 को स्वयं समीक्षा बैठक करेंगे। इसलिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के काम में जुट जाएं।मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने किसानों को सभी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से प्रदान करने के लिए एग्रीस्टैक प्लेटफार्म शुरू किया है जिसके माध्यम से प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट फार्मर आईडी प्रदान की जा रही है।
इसे भी पढ़ें 👉 Gen-H Startup Summit–युवा उद्यमी चौपाल में Gen-Z युवाओं और युवा उद्यमियों से मुख्यमंत्री ने किया संवाद
इसमंे किसान की कृषि भूमि के भू-खंडों को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जाता है। इसके माध्यम से इसका डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा कि किस किसान ने किस खेत में कौन सी फसल बोई है। इससे गांवों और कृषि भूमि का डिजिटल/भौगोलिक मानचित्रण किया जाएगा।श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि एग्रीस्टैक के जरिए पीएम किसान, फसल बीमा, कृषि ऋण, एमएसपी आधारित खरीद, खाद-बीज वितरण और अन्य सरकारी योजनाओं की सेवाएं पात्र किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी।राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को इस संबंध में भी जागरूक करें कि एग्रीस्टैक प्लेटफार्म पर पंजीकृत किसी भी किसान को किसी भी अन्य योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा बल्कि एग्रीस्टैक प्लेटफार्म पर पंजीकरण न करवाने वाले किसानों को केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार की कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में समस्या आएगी।
इसे भी पढ़ें 👉 छोटेआइडिया से बड़े उद्यम तक का सफर, युवा उद्यमियों ने सांझा किए सफलता के अनुभव
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि डीसीएस (डिजिटल क्रॉप सर्वे) हरियाणा में जीपीएस आधारित फसल सर्वेक्षण है, जिसके तहत खेत स्तर पर फसल की बुवाई संबंधी जानकारी जियो-रेफरेंस्ड डेटा के साथ दर्ज की जाती है। डीसीएस-2026 का सर्वेक्षण 16 अगस्त 2026 से शुरू हो चुका है और यह कार्य 30 सितंबर तक पूरे हरियाणा में संचालित किया जाएगा। इस सर्वेक्षण में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व पटवारी फिल्ड स्तर पर सर्वेक्षण कार्य में शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा ऑटो म्यूटेशन का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए ताकि आमजन को अपने कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
👉नवीनतम समाचार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A
Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK
Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite
☎समाचार और विज्ञापनों के लिए, हमारे व्हाट्सएप नंबर +91 98786-15057 पर संपर्क करें




