हरियाणा बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट, गेमिंग, कॉमिक्स सेक्टर का ग्लोबल हब, कंपनियां करेंगी भारी निवेश

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👉राज्य की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी में कंपनियों को मिलेंगे विशेष प्रोत्साहन
👉मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली में उद्योगपतियों के साथ किया संवाद
Haryana News:हरियाणा की नायब सरकार राज्य को इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम), आईटी, एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट, गेमिंग सेक्टर का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। सरकार ऐसी इंडस्ट्रियल पॉलिसी तैयार कर रही है, जो इन उभरते क्षेत्रों में निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक होने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, इनोवेशन और अत्याधुनिक तकनीकी विकास को भी गति देगी।
मंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को नई दिल्ली में नई इंडस्ट्रीयल पॉलिसी के संबंध में उद्योगपतियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि आईटी, एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट, गेमिंग, कॉमिक्स और ईएसडीएम सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभर रहा है। हरियाणा, अपनी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और इंडस्ट्री-फ्रेंडली माहौल के चलते इस सेक्टर में वैश्विक निवेश आकर्षित करने की अपार संभावनाएं रखता है। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा को ग्लोबल कंपनियों का प्रमुख केंद्र बनाया जाए, जहां देश-विदेश की अग्रणी कंपनियां निवेश करें। नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी में ईएसडीएम कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इसमें कैपिटल सब्सिडी, टैक्स बेनिफिट्स, स्किल डेवलपमेंट सपोर्ट, और ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस जैसे प्रावधान शामिल किए जाएंगे, ताकि उद्योगों को स्थापित करने और विस्तार करने में किसी प्रकार की बाधा न आए।प्रतिनिधियों ने सुझाव देते हुए कहा कि फ्यूचरिस्टिक प्रोडक्ट और कुछ कंपनियों का चयन करके उन्हें ग्लोबल कंपनी बनाने में मदद की जाए जिससे उस उद्योग से जुड़ी छोटी कंपनियों को भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा, स्टार्टअपस के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर भी विशेष फोकस किया जाए और रिसर्च के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएं।एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के लिए विदेशों में प्रोडक्ट स्टोरेज की दिक्कतों के समाधान के लिए ग्लोबल वेयरहाउस स्थापित किए जाएं ताकि विभिन्न कंपनियां इन ग्लोबल वेयरहाउस में अपने प्रोडक्ट्स स्टोर कर सकें। बैठक के दौरान स्किल वर्कफ़ोर्स की उपलब्धता के लिए कई कंपनियों ने आईटीआई एडॉप्ट करने की रुचि व्यक्त की जिससे कंपनियों को उनकी जरूरत के अनुसार मैनपावर मिल सकेगी।

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👉माइक्रोसॉफ्ट एआई स्टडी में करेगा सहयोग
माइक्रोसॉफ्ट से संदीप अरोड़ा ने युवाओं को भविष्य की उभरती तकनीकों के अनुरूप सक्षम बनाने के उद्देश्य से माइक्रोसॉफ्ट के साथ स्कूलों, आईटीआई और अन्य शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्टडी को बढ़ावा देने पर चर्चा की। इस पहल के तहत छात्रों को शुरुआती स्तर से ही एआई, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक स्किल्स से लैस किया जाएगा, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष नीतिगत समर्थन और इंसेंटिव्स प्रदान किए जाएंगे, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
👉एवीजीसी-एक्सआर सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट, गेमिंग, कॉमिक्स (एवीजीसी-एक्सआर) सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार अलग से एक समर्पित सेक्टर पॉलिसी लाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे इस उभरते हुए क्रिएटिव और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योग को संरचित विकास का प्लेटफॉर्म मिल सके। इस दौरान चेयरमैन, फिक्की एवीजीसी-एक्सआर फोरम श्री आशीष कुलकर्णी, डायरेक्टर, पब्लिक पॉलिसी, ई गेमिंग फेडरेशन देवभूति बख्शी, सीईओ मीडिया एंड स्किल एंटरटेनमेंट काउंसिल मोहित सोनी ने सुझाव दिया कि ई-स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि युवाओं को नए अवसर मिलें और राज्य इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल कर सके। क्रिएटिव और परफॉर्मिंग स्किल्स के विकास के लिए इनक्यूबेटर्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे नवाचार, स्टार्टअप्स और टैलेंट को पोषण मिल सके तथा एवीजीसी-एक्सआर सेक्टर में हरियाणा को एक प्रमुख हब के रूप में स्थापित किया जा सके।

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👉पिंजौर में वेडिंग सिटी बनाने के प्रयास तेज
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिंजौर स्थित ऐतिहासिक यादवेंद्र गार्डन में वेडिंग सिटी विकसित करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, और इसे राज्य के प्रमुख डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में स्थापित किया जा सकता है। आईएचसीएल) के प्रतिनिधि पुनीत मक्कड़ ने जानकारी दी कि इस प्रोजेक्ट को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए ताज ग्रुप के साथ विस्तृत चर्चा चल रही है। इस साझेदारी के माध्यम से यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। इसके अलावा, बैठक में फार्मास्यूटिकल एंड मेडिकल डिवाइसेज और ई वेस्ट सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तार से संवाद किया गया और उनके सुझाव लिए गए।इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, निदेशक श्री यश गर्ग, अतिरिक्त निदेशक, सिविल एविएशन श्री मनीष कुमार लोहान, सीईओ एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल गुरमीत सिंह, हेड पब्लिक पॉलिसी एंड डिजिटल इंफ्रा माइक्रोसॉफ्ट श्री संदीप, हेड कॉरपोरेट अफेयर्स इंडिया एंड पब्लिक पॉलिसी टीसीएस श्री रोहित चौहान, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड श्री जगमोहन सूद, सीएमडी प्रिसिजन इलेक्ट्रॉनिक्स श्री अशोक कनोडिया, वाईएसएम जाइरॉक्स एवियशन प्राइवेट लिमिटेड ब्रिगेडियर हितेन, एमडी एवं सीईओ ओस्टिक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड डॉ विनय सैनी सहित विभिन्न इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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