विपक्ष कानून-व्यवस्था का पाठ पढ़ाने से पहले अपने शासनकाल का रिकॉर्ड देखे – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

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👉मुख्यमंत्री का विपक्ष पर तंज, कहा— विपक्ष किसी भी घटना पर पीड़ित के आंसू पोंछने से पहले राजनीतिक अवसर तलाशने लगता है
👉1984 के दंगों के लिए कांग्रेस ने आज तक नहीं मांगी माफी, उससे जुड़े व्यक्ति को रोल मॉडल बताना पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा – मुख्यमंत्री
👉मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश — अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बड़ा कोई नहीं
Haryana News:हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष को उनके शासनकाल का रिकॉर्ड याद दिलाते हुए कहा कि जो लोग आज प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने शासनकाल के अपराध के आंकड़े और उस दौर की घटनाओं को भी देखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष की समस्या यह है कि वह किसी भी घटना पर पीड़ित के आंसू पोंछने से पहले राजनीतिक अवसर तलाशने लगता है। इन्हें अपराध से पीड़ा कम और सरकार को बदनाम करने की जल्दी अधिक होती है।मुख्यमंत्री वीरवार को हरियाणा विधानसभा में इनेलो विधायक श्री आदित्य देवीलाल और श्री अर्जुन चौटाला द्वारा प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील विषय पर चर्चा अवश्य होनी चाहिए, लेकिन चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, राजनीतिक सुविधा और भ्रामक प्रचार के आधार पर नहीं। विपक्ष को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन प्रदेश की जनता को भी यह जानने का अधिकार है कि जब सत्ता की बागडोर इनके हाथ में थी, तब हरियाणा ने अपराध, भ्रष्टाचार, जातीय हिंसा, भर्ती घोटालों और प्रशासनिक विफलताओं के कितने गहरे घाव सहे थे।

👉प्रदेश की जनता विपक्ष के काले कपड़े नहीं, इनके काले कारनामे देख रही है – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और अपनी भावना व्यक्त करने का अधिकार है। आज विपक्ष के सदस्य काले कपड़े पहनकर सदन में आए हैं। लेकिन प्रदेश की जनता काले कपड़े नहीं, इनके काले कारनामे देख रही है। विपक्ष को अपने शासनकाल को भी याद करना चाहिए कि उस समय कानून व्यवस्था का क्या हाल था और किस प्रकार व्यवस्था चरमराई हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है। वह विपक्ष के काले कपड़े नहीं, बल्कि इनके काले कारनामे देख रही है।

👉1984 के दंगों के लिए कांग्रेस ने आज तक नहीं मांगी माफी, उससे जुड़े व्यक्ति को रोल मॉडल बताना पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 1984 के दंगों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दौर आज भी याद आता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उस समय लोगों के गले में टायर डालकर उन्हें जला दिया गया, चौकों पर लोगों को जलाया गया और ऐसे अत्याचार हुए कि कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए अपने केश तक कटवाने पड़े। हजारों लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1984 के दंगों के लिए आज तक माफी नहीं मांगी और आज उस दौर से जुड़े व्यक्ति को रोल मॉडल बताया जा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा करना पीड़ितों के पुराने जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस जिस व्यक्ति को अपना रोल मॉडल बता रहे हैं, राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को उसकी बड़ी तस्वीर अपने घर के अंदर और बाहर लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को संरक्षण देना कांग्रेस की फितरत और उसकी सोच को दर्शाता है।

👉कांग्रेस के शासनकाल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि ‘रूलतंत्र’ था
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि ‘रूलतंत्र’ था, जिसमें लोग अपने घर, सामान और जीवनभर की कमाई छोड़कर भागने को मजबूर हुए। कांग्रेस के शासनकाल में व्यवस्था का जिस प्रकार जनाजा निकला, उससे हर व्यक्ति आहत था। कांग्रेस द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर कहा कि यह तो वही बात हुई कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। कांग्रेस की आंखों पर काला चश्मा लगा हुआ है। इन्हें केवल आरोप लगाना और फिर सदन से भाग जाना आता है। उन्होंने कहा कि ये सरकार का जवाब सुनेंगे कैसे, क्योंकि इनमें जवाब सुनने की हिम्मत नहीं है। ऐसे में इनके पास एक ही रास्ता बचता है आरोप लगाओ और भाग जाओ।मुख्यमंत्री ने कहा कि पता नहीं दिल्ली से कांग्रेस के पास कौन-सी कॉल आती है कि उसके नेता इतनी तेजी से झूठ फैलाने लगते हैं। उन्होंने नई पीढ़ी से कहा कि जिन युवाओं ने कांग्रेस का वह क्रूर कार्यकाल नहीं देखा है, उन्हें कांग्रेस के शासनकाल और उसके कारनामों के बारे में जरूर जानना और सर्च करना चाहिए। कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे झूठ से नई पीढ़ी को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए युवाओं को स्वयं यह जानना चाहिए कि कांग्रेस का कार्यकाल कैसा था और उस दौरान प्रदेश की व्यवस्था की क्या स्थिति थी।

👉इनेलो शासनकाल की घटनाओं पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1999 से 2005 के बीच हरियाणा में कानून का शासन किस प्रकार राजनीतिक प्रभाव और सत्ता के दबाव में कमजोर हुआ, यह किसी से छिपा नहीं है। अगस्त 2001 में हिसार जिले के लितानी गांव में पूर्व विधायक रेलू राम पूनिया सहित उनके परिवार के आठ सदस्यों की सोते समय निर्मम हत्या कर दी गई। मृतकों में छोटे बच्चे और केवल 45 दिन की मासूम बच्ची भी शामिल थी।उन्होंने मई 2002 के कंडेला प्रकरण का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि किसानों पर गोलियां किसने चलवाई थीं। फायरिंग में किसानों की जान गई और अनेक लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि आज किसान हितैषी होने का दावा करने वाले बताएं कि उनके कार्यकाल में किसानों की मांगों का जवाब संवाद से दिया गया था या गोलियों से। इसी अवधि में झज्जर के दुलीना में पांच दलित युवकों को भीड़ ने पुलिस चौकी के निकट पीट-पीटकर मार डाला। अक्टूबर 2002 में सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को उनके घर के बाहर गोली मार दी गई और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उसी वर्ष कुरुक्षेत्र के रणजीत सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।मुख्यमंत्री ने जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 3,206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती में चयन सूचियों से छेड़छाड़ की गई, योग्य उम्मीदवारों के अधिकारों पर डाका डाला गया और सरकारी नौकरियों को राजनीतिक संरक्षण का साधन बनाने का प्रयास हुआ। उन्होंने कहा कि विपक्ष कानून का पाठ पढ़ाने से पहले बताए कि हजारों बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करना क्या अपराध नहीं था और सरकारी भर्ती को परिवारवाद तथा सत्ता के प्रभाव की भेंट चढ़ाना क्या युवाओं के साथ अन्याय नहीं था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने उसी व्यवस्था को बदलकर हरियाणा के युवाओं को “बिना पर्ची-बिना खर्ची” के आधार पर नौकरियां दी हैं। पहले नौकरी की सूची राजनीतिक घरानों में बनती थी, आज मेरिट के आधार पर बनती है। सरकार ने युवाओं को आत्मसम्मान दिया है।

👉इनेलो अपने शासनकाल को भूली, तब एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी और लोगों में था भय का माहौल – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इनेलो अपने शासनकाल को भूल गई है, जब एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी और लोगों में भय का माहौल था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से संबंधित जो आंकड़े उन्होंने सदन में पेश किए हैं, उन्हें इनेलो के नेताओं ने शायद ठीक से नहीं पढ़ा। उनके शासनकाल में अपराध का ग्राफ बढ़ा था, जबकि हमारी सरकार के कार्यकाल में इसमें काफी कमी आई है। पगड़ी पर उठाए गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पगड़ी गुरुओं की देन है और इनेलो को इस पर सवाल नहीं उठाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाती है और कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

👉कांग्रेस अपने दस साल के शासनकाल के अपराध के आंकड़ों का भी जवाब दे
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में कांग्रेस सत्ता में आई तो प्रदेश की जनता ने उम्मीद की थी कि व्यवस्था बदलेगी, लेकिन व्यवस्था बदलने के बजाय अपराध का स्वरूप और भयावह होता गया। जुलाई 2005 में गुरुग्राम में होंडा कंपनी के आंदोलनरत श्रमिकों पर हुई पुलिस कार्रवाई की तस्वीरों ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मजदूरों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और बड़ी संख्या में श्रमिक घायल हुए। अगस्त 2005 में गोहाना की वाल्मीकि बस्ती में दलित परिवारों के मकान जला दिए गए और लोग अपने घर, सामान और जीवनभर की कमाई छोड़कर भागने पर मजबूर हुए। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि आज दलित हितों की बात करने वाले बताएं कि जब दलितों की पूरी बस्ती जल रही थी, तब उनकी संवेदनशीलता और सामाजिक न्याय कहां था।उन्होंने कहा कि फरवरी 2007 में पानीपत के दीवाना रेलवे स्टेशन के पास समझौता एक्सप्रेस में हुए बम विस्फोट में 68 निर्दोष लोगों की जान चली गई और अनेक यात्री घायल हुए। जून 2007 में कैथल के मनोज और बबली की हत्या कर शव नहर में फेंक दिए गए। जनवरी 2008 में गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि जिस गुरुग्राम को तत्कालीन सरकार अपनी उपलब्धि बताकर प्रचारित करती थी, उसी गुरुग्राम में गरीबों के शरीर के अंगों का अवैध व्यापार कैसे फलता-फूलता रहा और प्रशासन इतने लंबे समय तक क्यों सोता रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 अप्रैल, 2010 को हिसार के मिर्चपुर गांव में दलित बस्ती पर हमला हुआ। घरों में आग लगाई गई और 70 वर्षीय ताराचंद तथा उनकी दिव्यांग बेटी सुमन को जिंदा जला दिया गया। सैकड़ों दलित परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हो गए और मामला इतना गंभीर था कि मुकदमे की सुनवाई हरियाणा से बाहर दिल्ली स्थानांतरित करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के मित्र सामाजिक न्याय की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन मिर्चपुर की राख आज भी उनके शासन की संवेदनहीनता की गवाही देती है।मुख्यमंत्री ने मई 2012 के रोहतक के ‘अपना घर’ कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना थी। सरकारी सहायता प्राप्त आश्रय-गृह में रहने वाली अनाथ, बेसहारा और मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चियों एवं महिलाओं के यौन, शारीरिक और मानसिक शोषण के गंभीर तथ्य सामने आए थे। उन्होंने सवाल किया कि जो सरकार असहाय बेटियों के आश्रय-गृह को सुरक्षित नहीं रख पाई, उसके प्रतिनिधि आज महिला सुरक्षा पर किस नैतिक अधिकार से भाषण दे रहे हैं।मुख्यमंत्री ने जुलाई 2012 में मानेसर स्थित मारुति सुजुकी संयंत्र की हिंसक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कंपनी के मानव संसाधन महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव की जान चली गई, अनेक अधिकारी और कर्मचारी घायल हुए तथा संयंत्र में आगजनी और तोड़फोड़ हुई। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कानून-व्यवस्था पर प्रश्न उठे, बल्कि हरियाणा की औद्योगिक छवि को भी नुकसान पहुंचा। वर्ष 2014 में हिसार के भगाणा गांव की चार दलित नाबालिग लड़कियों के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना और पीड़ित परिवारों को न्याय की मांग के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर तक धरना देना पड़ा।

👉डायल-112 से 10 आपातकालीन सेवाएं जुड़ीं, 250 और रिस्पॉन्स वाहनों को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम ‘डायल-112’ को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। पुलिस सेवा 100, अग्निशमन सेवा 101, चिकित्सा आपातकालीन सेवा 108, महिला हेल्पलाइन 1091, यातायात हेल्पलाइन 1073, साइबर हेल्पलाइन 1930, दुर्गा शक्ति ऐप, एनएचएआई हेल्पलाइन 1033, आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 और 1077 तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की हेल्पलाइन 181 और 1098 सहित कुल 10 आपातकालीन सेवाओं को डायल-112 से जोड़ा गया है। प्रदेश में 630 टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहनों को इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल के रूप में तैनात किया गया है। इस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार ने 250 अतिरिक्त इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों की खरीद को भी आवश्यक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

👉ऑपरेशन ट्रैकडाउन में 15 दिनों में 4,771 अपराधी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वांछित, उद्घोषित, जमानत या पैरोल से फरार तथा अन्य सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ चलाया जा रहा है। 1 अगस्त से 15 अगस्त, 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान में 4,771 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 216 हथियार बरामद किए गए, जिनमें 135 देसी कट्टे, 76 पिस्तौल, 3 रिवॉल्वर और 2 बंदूकें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 287 कारतूस और 15 मैगजीन बरामद की गईं। 241 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई और 1,406 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट अपडेट की गई। इसी प्रकार 1 दिसंबर से 15 दिसंबर, 2025 तक चलाए गए ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ के दौरान 1,213 मामले दर्ज किए गए और 2,200 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 33 महिला पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं। संकट में फंसी महिलाओं को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए ‘दुर्गा शक्ति’ ऐप शुरू किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर दुर्गा शक्ति रैपिड एक्शन फोर्स की 24 कंपनियां और 46 पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए हैं। सुनारिया, रोहतक में महिला पुलिस दुर्गा बटालियन स्थापित की गई है और नई भर्तियों के माध्यम से महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

👉अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बड़ा कोई नहीं
मुख्यमंत्री ने सदन और प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाते हुए कहा कि सरकार अपराध की रोकथाम को और प्रभावी बनाएगी तथा जांच एवं अभियोजन की गति को तेज करेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, हमारी नीति भी स्पष्ट है, नीयत भी स्पष्ट है और संदेश भी स्पष्ट है, अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बड़ा कोई नहीं।

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