CM Nayab Singh Saini के सिंगापुर दौरे का तीसरा दिन

Date:

spot_img

👉सिंगापुर कंपनियों के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस, सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक निवेश पर विस्तृत चर्चा
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के सिंगापुर दौरे के तीसरे दिन मंगलवार को सिंगापुर बिजनेस फोरम के अंतर्गत आयोजित महत्वपूर्ण राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक दर्जन से अधिक सिंगापुर कंपनियों के प्रतिनिधियों, सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के पदाधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और बिजनेस लीडर्स के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश संबंधी विस्तृत चर्चा की।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा का लक्ष्य सिंगापुर कंपनियों के सहयोग से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, वेयरहाउसिंग और आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के अलावा पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक जैसे शहरों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) तथा टेक्नोलॉजी-लेड बिजनेसेज के अगले ग्रोथ सेंटर्स के रूप में विकसित करना हमारा उद्देश्य है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने Data Centre Policy-2026 भी तैयार की है। मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में हरियाणा के पास विशेष एडवांटेज है।राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर और हरियाणा भले ही भौगोलिक रूप से अलग हों, लेकिन दोनों की सोच और प्राथमिकताएं एक-दूसरे के बहुत करीब हैं। सिंगापुर इनोवेशन, एफिशिएंसी और ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र है, जबकि हरियाणा एंटरप्राइज, मैन्युफैक्चरिंग और मार्केट एक्सेस की शक्ति रखता है। इन दोनों क्षमताओं का मेल आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई दे सकता है।उन्होंने याद दिलाया कि सिंगापुर की कंपनियों ने भारत में टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल सर्विसेज में अपनी विशेष पहचान बनाई है। अब उद्देश्य इस मजबूत रिश्ते को हरियाणा और उत्तर भारत में नई निवेश संभावनाओं, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और साझा विकास के साथ आगे बढ़ाना है।

इसे भी पढ़ें 👉सही अवसर मिलें तो विशेष जरूरतों वाले बच्चे चुनौतियों को ताकत में बदल सकते हैं:आयुक्त एवं सचिव श्री के.एम. पांडुरंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल हरियाणा की ताकत बताने नहीं आए हैं, बल्कि उस भविष्य का भागीदार बनाने आए हैं, जिसमें हरियाणा उत्तर भारत के सबसे भरोसेमंद, आधुनिक और तेजी से आगे बढ़ते बिजनेस डेस्टिनेशंस में शामिल होगा।ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और आईटी-एनेबल्ड सर्विसेज को बड़े अवसरों वाले क्षेत्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम आज देश के प्रमुख कॉरपोरेट और टेक्नोलॉजी हब्स में से एक है। यहां अनेक ग्लोबल कंपनियां, मल्टीनेशनल कॉरपोरेशंस और जीसीसी सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। हमारी सोच केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं है। पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक जैसे टियर-2 शहरों को भी जीसीसी और टेक्नोलॉजी-लेड बिजनेसेज के अगले ग्रोथ सेंटर्स के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहां कंपनियों को प्रतिस्पर्धी लागत, कुशल प्रतिभा और बेहतर जीवन गुणवत्ता का लाभ मिलेगा। हरियाणा कई स्थानों, मजबूत कनेक्टिविटी, कुशल जनशक्ति और उत्तर भारत के विशाल टैलेंट पूल तक सीधी पहुंच प्रदान करता है।इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को दूसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का यह इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है। हरियाणा की सामरिक स्थिति, मजबूत औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग बेस तथा एनसीआर से निकटता इसे इस सेक्टर के लिए प्राकृतिक गंतव्य बनाती है। उन्होंने सिंगापुर की कंपनियों को आमंत्रित किया कि वे मैन्युफैक्चरिंग, कंपोनेंट्स, सप्लाई चेन, रिसर्च या टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के रूप में हरियाणा को अपने संभावित निवेश साझेदार के रूप में देखें।डेटा सेंटर्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास का प्रमुख आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से डेटा स्टोरेज, क्लाउड सर्विसेज और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ रही है। एनसीआर के केंद्र में स्थित हरियाणा इस वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए Data Centre Policy-2026 को आगे बढ़ाया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें 👉CM Nayab Singh Saini ने सिंगापुर के SING फोरम में फायरसाइड चैट के दौरान हरियाणा को निवेश का सबसे बेहतर विकल्प

लक्ष्य निवेशकों को भूमि, विश्वसनीय बिजली, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत समर्थन के साथ स्थिर, पारदर्शी तथा पूर्वानुमान योग्य व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराना है।ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर की कंपनियां सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ग्रीन ग्रोथ में विश्वस्तरीय अनुभव रखती हैं। हरियाणा में नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा दक्षता, वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। सिंगापुर की तकनीक और विशेषज्ञता को हरियाणा की औद्योगिक ताकत तथा बाजार मांग से जोड़कर ग्रीन औद्योगिक विकास के नए और सफल मॉडल विकसित किए जा सकते हैं।मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स में हरियाणा के विशिष्ट लाभ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य दिल्ली-एनसीआर के केंद्र में स्थित है और देश के प्रमुख बाजारों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी रखता है। औद्योगिक एस्टेट्स, एक्सप्रेसवे, हाईवे, डेडिकेटेड फ्रेट कनेक्टिविटी और आधुनिक लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का मजबूत नेटवर्क उपलब्ध है। इसलिए उत्तर भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर या सप्लाई चेन बेस स्थापित करने वाली किसी भी कंपनी के लिए हरियाणा मजबूत, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट और टेक्नोलॉजी-लेड बिजनेसेज के लिए भी लगातार नए अवसर बन रहे हैं। गुरुग्राम पहले से ही प्रमुख कॉरपोरेट और वित्तीय हब है। अब इसे ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज, फिनटेक, डिजिटल एंटरप्राइजेज और रीजनल हेडक्वार्टर्स के लिए और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य है। शिक्षा, स्किलिंग और टैलेंट डेवलपमेंट को विशेष प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश केवल भूमि और इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर सफल नहीं होता। उद्योगों को प्रशिक्षित और भविष्य-तैयार जनशक्ति भी चाहिए। इसलिए उद्योगों के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च और इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग को मजबूत किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने उपस्थित कंपनियों से कहा कि हरियाणा केवल एक निवेश गंतव्य नहीं, बल्कि उत्तर भारत में ग्रोथ, इनोवेशन और विस्तार का भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनना चाहता है।

इसे भी पढ़ें 👉KCC धारकों को 50,000 रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर

वे चाहते हैं कि सिंगापुर की कंपनियां हरियाणा को अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस, जीसीसी लोकेशन, लॉजिस्टिक्स हब, टेक्नोलॉजी सेंटर और रीजनल बिजनेस हेडक्वार्टर्स के रूप में देखें। ETEC जैसे संभावित निवेश भी इसी व्यापक साझेदारी का हिस्सा हैं। ऐसे निवेशों के साथ स्थानीय इकोसिस्टम, सप्लाई चेन, टैलेंट डेवलपमेंट और भविष्य के विस्तार के अवसर भी तैयार होंगे।मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि निवेशक हरियाणा में अवसर और तकनीक लेकर आएं। निवेश की सुविधा और समयबद्ध क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। उनकी टीम भूमि, अनुमोदन, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभा और नीतिगत समर्थन जैसी विशिष्ट आवश्यकताओं को समझकर हर स्तर पर सहयोग करेगी। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने का वचन दिया कि सिंगापुर से आने वाले प्रत्येक निवेशक को हरियाणा में निर्णयों में गति, क्रियान्वयन में विश्वसनीयता और शासन में विश्वास का अनुभव होगा।मुख्यमंत्री ने सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन और सभी प्रतिभागियों का सार्थक संवाद के लिए हृदय से धन्यवाद किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि आज की यह बातचीत नई साझेदारियों, नए प्रोजेक्ट्स और हरियाणा-सिंगापुर आर्थिक संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत बनेगी।

👉नवीनतम समाचार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Whatsapp Channel 👉 🛑https://whatsapp.com/channel/0029VbBYZTe89inflPnxMQ0A

Whatsapp Group👉 🛑https://chat.whatsapp.com/EK1btmLAghfLjBaUyZMcLK

Telegram Channel👉 🛑https://t.me/punjabikhabarsaarwebsite

☎समाचार और विज्ञापनों के लिए, हमारे व्हाट्सएप नंबर +91 98786-15057 पर संपर्क करें

spot_img
spot_img

Share post:

Popular

More like this
Related

ਨਰਾਤਿਆਂ ’ਚ ਨਾ ਕਰਿਓ ਇਹ ਗਲਤੀ! ਨਹੀਂ ਤਾਂ..?

ਨਿਊਜ਼ ਡੈਸਕ: 11 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਰਹੇ ਨੇ...

Guru Kashi University ਵੱਲੋਂ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਵਿੱਚ “ਉਦੱਮੀ ਹੁਨਰਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ” ਵੱਖ-ਵੱਖ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਦਾ ਆਯੋਜਨ

Talwandi Sabo News:ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਚਲੰਤ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਤਹਿਤ ਗੁਰੂ...

Vedanta Power ਨੇ ਹੁਣ ਤੱਕ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਰੀ ਦਰਜ ਕੀਤੀ

👉ਦੂਜੀ ਤਿਮਾਹੀ ਦੀ ਵਿਕਰੀ ਵਿੱਚ ਸਾਲ-ਦਰ-ਸਾਲ 26% ਵਾਧਾ, ਪਹਿਲੀ...