👉हरियाणा सरकार ने परिवार की सालाना आय की सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख की
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में अहम बदलावों को मंजूरी दी गई। इन बदलावों का मकसद योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्र महिलाओं तक पहुँचाना, इसे लागू करने की प्रक्रिया को आसान बनाना और आर्थिक सहायता पहुँचाने के सिस्टम को मजबूत करना है। ये संशोधन 01 नवम्बर, 2026 से प्रभावी होंगे।मंजूर किए गए बदलावों के तहत, योजना के लिए परिवार की सालाना आय की पात्रता सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दी गई है।इस योजना का मकसद महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करके और उन्हें सामाजिक सुरक्षा देकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। अभी 10 लाख से ज्यादा महिलाएँ इस पहल का लाभ उठा रही हैं।कैबिनेट ने उस प्रावधान को हटाने को भी मंजूरी दी, जिसके तहत लाभार्थी कम मासिक सहायता राशि चुन सकते थे। इस बदलाव से सभी पात्र लाभार्थियों को 2,100 प्रतिमाह का तय लाभ मिलेगा, जिससे भुगतान में एकरूपता आएगी और प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी।योजना के भुगतान सिस्टम के तहत, नए लाभार्थियों के लिए पहली किस्त पूरी तरह से उनके बचत बैंक खातों में जमा की जाएगी। दूसरे महीने से, 1,100 रुपये सीधे लाभार्थी के बचत खाते में जमा किए जाएँगे, जबकि 1,000 रुपये योजना के प्रावधानों के अनुसार सरकार द्वारा संचालित आवर्ती जमा (आरडी) या सावधि जमा (एफडी) खाते में जमा किए जाएँगे।
👉सीआरआईडी को स्वतंत्र विभाग का दर्जा, डिजिटल गवर्नेंस होगी और मजबूत
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में, राज्य में डिजिटल गवर्नेंस व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा ई-गवर्नेंस एवं डिजिटल सेवाओं में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिटिजन रिसोर्स इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट (सीआरआईडी) को हरियाणा सरकार के कार्य (आवंटन) नियम, 1974 के तहत स्वतंत्र विभाग का दर्जा देने की मंजूरी प्रदान की गई।मंत्रिमंडल ने हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हारट्रोन) को भी सीआरआईडी के प्रशासनिक नियंत्रण में लाने की मंजूरी दी, ताकि संबंधित कार्यों को सुव्यवस्थित किया जा सके और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सके।हारट्रोन को सीआरआईडी के अधीन लाने से उसके प्रशासनिक नियंत्रण और कार्यों में एकरूपता आएगी। हारट्रोन सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स संबंधी बुनियादी ढांचे की खरीद, ई-गवर्नेंस परियोजनाओं को सहयोग, तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य की नोडल तकनीकी एजेंसी के रूप में कार्य करता है। चूंकि ये गतिविधियां सीआरआईडी के कार्यक्षेत्र से संबंधित हैं, इसलिए हारट्रोन को इसके प्रशासनिक नियंत्रण में लाने से संबंधित कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।
👉हरियाणा में मीडिया कर्मियों के लिए आर्थिक सहायता दुगुनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में ‘हरियाणा मीडिया पर्सनल वेलफेयर फंड एडमिनिस्ट्रेशन स्कीम’ में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत पात्र मीडिया कर्मियों के लिए आर्थिक सहायता की अधिकतम सीमा को हर मामले में 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।खास बात यह है कि कैबिनेट ने यह फैसला मुख्यमंत्री द्वारा 2 मार्च, 2026 को हरियाणा विधानसभा में वर्ष 2026-27 के बजट भाषण के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। बजट भाषण के दौरान, मुख्यमंत्री ने आपात स्थिति में मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता की अधिकतम सीमा को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की थी।इस फैसले से बीमारी, मृत्यु, दुर्घटना या अन्य आपातकालीन स्थितियों के कारण गंभीर जरूरत पड़ने पर पात्र मीडिया कर्मियों और उनके आश्रितों या कानूनी उत्तराधिकारियों को बढ़ी हुई आर्थिक सहायता मिलेगी। हालाँकि, ‘हरियाणा मीडिया पर्सनल वेलफेयर फंड एडमिनिस्ट्रेशन स्कीम’ के अन्य पात्रता मानदंड और नियम-शर्तें पहले जैसे ही रहेंगे।
👉ग्रुप-सी भर्ती के लिए पूर्व-अग्निवीरों को मिलेगी सभी परीक्षाओं से छूट, हरियाणा कैबिनेट ने मंजूरी दी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में, सरकारी विभागों में सेवा के लिए पूर्व-अग्निवीरों के प्रशिक्षण, अनुशासन और कौशल को मान्यता देते हुए उनके पुनर्वास और लाभपरक रोजगार को सुगम बनाने के लिए राज्य की अग्निवीर नीति में संशोधनों को मंजूरी दी गई।स्वीकृत संशोधनों के तहत, पूर्व-अग्निवीरों को इस नीति के अंतर्गत आने वाले ग्रुप-सी पदों पर सीधी भर्ती के लिए निर्धारित सभी प्रकार की परीक्षाओं से छूट दी जाएगी। निर्धारित आरक्षण और अन्य भर्ती प्रावधानों के अधीन, विज्ञापित पदों के विरुद्ध सीधी नियुक्ति के लिए उनके नाम पर विचार किया जाएगा।
कैबिनेट ने पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग में वाइल्डलाइफ गार्ड, इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) में कांस्टेबल, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) में कांस्टेबल तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर के पदों के लिए आवेदन करने वाले पूर्व-अग्निवीरों को शारीरिक जांच परीक्षा (पीएसटी) और शारीरिक माप परीक्षा (पीएमटी) से भी (यथा लागू) छूट की मंजूरी दी। इन पदों को हाल ही में राज्य की पूर्व-अग्निवीर आरक्षण नीति के तहत शामिल किया गया था।
👉माइनिंग गार्ड के पदों को ग्रुप-डी से ग्रुप-सी में अपग्रेड करने की मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड के पद को ग्रुप-डी (सीधी भर्ती स्तर) से अपग्रेड करके ग्रुप-सी (एफपीएल-2) में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय का उद्देश्य सरकारी पदों की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित आरक्षण एवं अन्य लाभों के क्रियान्वयन को सुविधाजनक बनाना है।मंत्रिमंडल द्वारा माइनिंग गार्ड के पद को ग्रुप-सी के पदों के लिए लागू खान एवं भूविज्ञान विभाग के संबंधित सेवा नियमों के अंतर्गत लाने की भी मंजूरी दी गई। इसके लिए हरियाणा खान एवं भूविज्ञान विभाग (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1998 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने सरकारी पदों पर भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को कई तरह के लाभ प्रदान करने की अधिसूचना जारी की है। इनमें क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट, सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) से छूट तथा जहां लागू हो, फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट से छूट शामिल हैं।
👉गांवों में ‘हर-हित’ स्टोर को मिलेगी तेजी से मंजूरी
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में गांवों में ‘हर-हित’ स्टोर का तेजी से विस्तार करने के लिए ‘हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) नियम, 1964’ में संशोधन को मंजूरी दी गई।इस संशोधन के तहत संबंधित उपायुक्तों को ग्राम पंचायतों की ‘शामलात देह’ (गांव की साझा जमीन) में 20 वर्ग गज तक की जमीन हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड को ‘हर-हित’ स्टोर स्थापित करने के लिए आवंटन के जरिए पट्टे पर देने की मंजूरी का अधिकार दिया गया है। इन नए नियमों को ‘हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) पांचवां संशोधन नियम, 2026’ कहा जाएगा।राज्य सरकार के उपक्रम ‘हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड’ द्वारा फ्रैंचाइजी के माध्यम से ‘हर-हित’ रिटेल चेन चलाई जा रही है। अभी 5,000 स्टोर के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 1,400 स्टोर चल रहे हैं। गांवों में हर स्टोर के लिए 20 वर्ग गज जमीन की आवश्यकता है।अभी ऐसे हर पट्टे के लिए राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति लेनी पड़ती है। संबंधित उपायुक्त को मंजूरी देने का अधिकार मिलने से, इन छोटी जगहों के प्रस्तावों पर जिला स्तर पर कार्रवाई हो सकेगी, जिससे रिटेल नेटवर्क का विस्तार आसान हो जाएगा।इस संशोधन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसी जमीन पर ‘हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड‘ की फ्रैंचाइजी के जरिए ‘हर-हित स्टोर’ चलाने को सब-लीज नहीं माना जाएगा।
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